फसल अवशेषों को जलाने के मामले में किसानों के खिलाफ कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की ओर से कार्रवाई की गई। चार किसानों पर जहां फसल अवशेष जलाने के आरोप में 2500-2500 रुपये का जुर्माना लगाया गया है, वहीं गांव मलिकपुर के किसान बालिष्टर के खिलाफ मुरथल थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। साथ ही कृषि विभाग ने फसल अवशेष जलाने वाले किसानों को भविष्य में कृषि विभाग से जुड़ी योजनाओं का लाभ न देने का भी फैसला किया है। उपायुक्त ने स्वयं फील्ड में उतरकर किसानों के खिलाफ कार्रवाई की कमान अपने हाथों में ले ली है।
उपायुक्त डॉ. मनोज कुमार शुक्रवार रात 9 बजे तक खेतों के दौरे पर रहे। सैटेलाइट से मिली आग की घटनाओं की खुद जांच करने के लिए उपायुक्त ने खेवड़ा और झुंडपुर गांवों का दौरा किया।
कृषि विभाग के पास भी हरसेक के माध्यम से सैटेलाइट से ली गई सात लोकेशन प्राप्त हुई थीं, जहां फसल अवशेषों में आग की घटनाएं घटित होने की बात कही गई। इसके बाद कृषि विभाग सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने अलग-अलग टीमें गठित कर प्रत्येक लोकेशन की जांच की। इस दौरान जिन लोकेशन पर आग लगी मिली, उन पर जुर्माना लगाया गया।
कृषि अधिकारियों ने इन स्थानों पर की कार्रवाई
- गांव अटेरना में फसल अवशेष जलाने के आरोप में किसान को 2500 रुपये का जुर्माना लगाया गया।
- खेवड़ा गांव में आग की घटना पाए जाने पर एक किसान पर लगाया 2500 रुपये का जुर्माना
- बुटाना खुर्द गांव में फसल अवशेष जलते मिले, किसान पर 2500 रुपये का जुर्माना लगाया गया।
- मलिकपुर गांव में फसल अवशेष जलते मिले, विभाग ने किसान के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया।
पराली जलने से वायु प्रदूषण अधिक होता है। किसानों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। अगर कोई किसान फसल अवशेषों में आग लगाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सैटेलाइट से लोकेशन प्राप्त होने पर टीमें लगातार फील्ड में उतर रही हैं। - डॉ. मनोज कुमार, उपायुक्त, सोनीपत।