हरियाणा के सोनीपत में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरुचि अतरेजा सिंह ने पशु आहार फैक्टरी में काम करने वाली किशोरी से दुष्कर्म करने के मामले में आरोपी फैक्टरी मालिक को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोषी पर 1.10 लाख रुपये जुर्माना भी किया गया है। जुर्माना राशि में से एक लाख रुपये पीड़िता को देने के आदेश दिए गए हैं।
सदर थाना क्षेत्र की रहने वाली 15 वर्षीय किशोरी ने 8 नवंबर, 2021 को पुलिस को बताया था कि वह पशु आहार फैक्टरी में काम करती थी। उनके परिवार की हालत सही नहीं होने के चलते घर खर्च चलाने को उसे काम करना पड़ता था। वह लंबे समय से फैक्टरी में काम कर रही थी।
किशोरी ने बताया था कि तीन माह से उसका मालिक ब्रजेश उसके साथ दुष्कर्म करता आ रहा है। वह उसे धमकी देता था कि किसी को बताया तो जान से मार देगा। उसने डर के चलते किसी को कुछ नहीं बताया। किशोरी ने बताया कि अब उसे शरीर में बदलाव महसूस हुआ था तो उसने किट लाकर जांच की थी। जिसमें उसके गर्भवती होने का पता लगा था।
किशोरी ने मामले से अपनी मां को अवगत कराया था। उसने बताया था कि मालिक ब्रजेश के कई बार दुष्कर्म करने के चलते ही वह गर्भवती हो गई। किशोरी के बयान पर सदर थाना पुलिस ने दुष्कर्म व 6 पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज कर लिया था। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी ब्रजेश को गिरफ्तार कर लिया था। उसे अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया था।
मामले की सुनवाई के बाद एएसजे सुरुचि अतरेजा सिंह ने आरोपी ब्रजेश को दोषी करार दिया। बुधवार को मामले में फैसला सुनाते हुए अदालत ने दोषी को 6 पॉक्सो एक्ट में आजीवन कारावास व एक लाख रुपये जुर्माना तथा भादंसं की धारा 506 में 10 साल कैद व 10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। दोनों सजा एक साथ चलेंगी। जुर्माना राशि में से एक लाख रुपये पीड़िता को देने के आदेश दिए गए हैं।