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आठ साल में बन गया अपराध की दुनिया का विकास उर्फ दुधिया

Sat, 12 Mar 2016 12:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
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गैंगवार के बाद मृत पड़ा विकास उर्फ दूधिया
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जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान जिस गांव की महिलाओं को बहादुरी दिखाने के लिए प्रदेश सरकार ने दो दिन पहले सम्मानित किया, उसी सिवाह गांव का विकास 12 साल की उम्र में अपनी बुआ के घर रोहट आया था। न केवल गांव के ही स्कूल में उसने पढ़ाई शुरू की बल्कि बुआ के लड़के के साथ मिलकर घर-घर जाकर दूध निकलवाने का काम किया। जवान हुआ तो जीप पर कंडक्टर की नौकरी की, लेकिन 2008 में गांव सेवली में हत्या के प्रयास के मामले में नामजद होने के बाद अपराध की दुनिया से ऐसा नाता जुड़ा कि शुक्रवार को उसकी मौत के साथ ही यह खत्म हुआ।
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ग्रामीणों की मानें तो विकास पढ़ने में ठीक था। बुआ के दूध के कारोबार में भी हाथ बटाने लगा था। इसी बीच सेवली गांव के एक युवक के ऊपर जानलेवा हमला करने के मामले में उसका नाम आया। इसके बाद तो विकास उर्फ दूधिया ने मुड़कर नहीं देख पाया। हत्या, हत्या के प्रयास व दूसरी वारदातों में नामजद होने से पुलिस उसे हिस्ट्रीशीटर मानने लगी। उसके खिलाफ रोहतक व सोनीपत जिलों में 16 के करीब आपराधिक मामले दर्ज हैं। छह दिसंबर, 2015 को गांव गढ़मिरकपुर के पास से मुठभेड़ के बाद काबू किया था। अब शुक्रवार को गन्नौर अदालत में पेशी के बाद बाहर निकलते समय उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई।

परिजनों की आंखों से नहीं रुके आंसू
विकास उर्फ दुधिया की मौत के बाद गन्नौर के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में विकास की मां व उनके परिजन पहुंचे तो उनकी आंखों से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। मृतक की मां का कहना है कि उनके बेटे का तो गन्नौर में कोई केस भी नही था लेकिन उसे पुलिस यहां किस लिए लेकर आई थी। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने की मांग की।
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पहले से छिपकर बैठे थे हमलावर
पुलिस के अनुसार छह बदमाश कोर्ट परिसर में पहले से ही छिपकर बैठे थे। जिन्होंने पेशी के बाद विकास दूधिया की गोली मारकर हत्या कर दी और फरार हो गए। इनमें दो बदमाशों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। साथ ही पुलिस टीम ने तीन अवैध हथियार भी बरामद किए है। हथियार काबू किए दो बदमाशों से मिले है।

सटाकर मारी गई गोली
हमलावरों ने अचानक विकास दूधिया के पास आकर उसे सटाकर तीन गोली मारी है। पुलिस इससे पहले कुछ समझ पाती हमलावर हवाई फायर करते हुए भागने लगे। इसी दौरान पुलिस ने दो हमलावरों को हिरासत में लिया।

प्रोडक्शन वारंट पर लाई थी पुलिस
गत 20 नवंबर, 2014 को विकास दूधिया ने अपने साथियों के साथ मिलकर जीटी रोड स्नेह ढाबे के निकट खड़ी राकेश पुत्र ओमप्रकाश निवासी रोहिणी दिल्ली की होंडा सिटी कार चोरी कर ली थी। मामले की जांच सीआईए स्टाफ सोनीपत को सौंपी गई थी। सीआईए स्टाफ ने कार्यवाही करते हुए घटना में संलिप्त विकास दूधिया के साथी आरोपी मनीष उर्फ मोनू पुत्र ओमप्रकाश निवासी प्रह्दलापुर किडौली और रवींद्र उर्फ सुंडा पुत्र सोमवीर निवासी भापड़ौदा जिला झज्जर और विकास उर्फ विक्की पुत्र ईश्वर निवासी शाहपुर तुर्क को पहले गिरफ्तार कर लिया था। इसी मामले में गन्नौर पुलिस विकास दूधिया को प्रोडक्शन वारंट पर लाई थी जिसकी शुक्रवार को अदालत में सुनवाई थी। जैसे ही विकास कोर्ट रूम से बाहर निकला उस पर बदमाशों ने गोलियां बरसा दी जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

एसपी ने किया घटनास्थल का दौरा
घटना का पता चलते ही मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अभिषेक गर्ग मौके पर पहुंचे और घटना स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ जिला एवं सत्र न्यायाधीश देवेंद्र श्योराण भी मौजूद रहे। पुलिस घटना स्थल का दौरा करने के बाद पुलिस को आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए मामले का जल्द से जल्द खुलासा करने के आदेश दिए।

क्या कहते हैं डीएसपी
मामले की जानकारी देते हुए डीएसपी सतीश शर्मा ने बताया कि पुलिस ने घटना को अंजाम देने वालों में शामिल दो आरोपियों को पुलिस ने हिरासत में ले रखा है। पुलिस फिलहाल उनसे पूछताछ कर रही है। घटना के कारणों का पता तो चल चुका है, लेकिन संवेदनशील विषय होने के कारण अभी आरोपियों की पहचान व उन्होंने इस वारदात को क्यों अंजाम दिया इस बात का खुलासा अभी नहीं किया जा सकता।  
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यह रहा विकास उर्फ दूधिया का आपराधिक रिकार्ड
वर्ष        अपराध
2008     गांव सेवली में हत्या का प्रयास का मामला
2010     सेठी अस्पताल खरखौदा के चिकित्सक पर जानलेवा हमला का मामला
2010     गांव रेवली के रामनिवास की हत्या का प्रयास का केस
2011     रोहट गांव में राजपाल की हत्या का केस
2011     गांव भदाना के शीला की हत्या का केस
2012     गांव पाक्समा, रोहतक के अक्षय की हत्या का केस
2013     गांव पाक्समा में हत्या प्रयास की वारदात में नामजद
2013     रोहतक जेल मे तीन बार मोबाइल रखने का आरोप
2014     गन्नौर से कार लूटने के मामले में नामजद
2015     जुलाई में संदीप बड़वासनी व उसके साथियों पर जानलेवा हमला करने के मामले में आरोपी
2015    दिल्ली से गाड़ी लूटने की वारदात में नामजद
2015     गांव डाबोदा में हत्या की वारदात का आरोपी
2015     खरखौदा में गन हाउस में चोरी के हथियार खरीदने के आरोप में नामजद
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