हरियाणा के सोनीपत के गांव बुटाना में बेटे की मौत होने के बाद से मानसिक रूप से परेशान चल रहे दंपती ने जहर निगल लिया। हालत बिगड़ने पर दोनों को रोहतक पीजीआई में भर्ती कराया गया। जहां उनकी मौत हो गई। बरोदा थाना पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिजनों को सौंप दिया।
गांव बुटाना निवासी जयभगवान (56) और उनकी पत्नी सविता (53) ने जहर निगल लिया था। जिससे उनकी हालत बिगड़ गई थी। दोनों घर पर अकेले रहते थे। उनके इकलौते बेटे का साढ़े तीन साल हादसे में निधन हो गया था। उन्होंने अपनी दो बेटियों की शादी कर दी है। बेटे की मौत के बाद से दंपती मानसिक रूप से परेशान रहने लगा था। परिजनों का कहना है कि इसी के चलते ही उन्होंने जहर निगल लिया था। उनकी हालत बिगड़ी देखी तो तुरंत रोहतक पीजीआई में भर्ती कराया, जहां पर उनकी उपचार के दौरान मौत हो गई।
गांव बुटाना में दंपती के जहर खाने की जानकारी मिली थी। उनकी पीजीआई रोहतक में मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि बेटे की मौत के कारण मानसिक परेशानी के चलते उन्होंने आत्महत्या की है।
-रमेश चंद्र, थाना प्रभारी, बरोदा
मां-बेटे ने निगला जहर, हालत गंभीर
वहीं गांव पुरखास में मां-बेटे ने जहर निगल लिया, जिसके उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिजनों ने दोनों को सोनीपत के निजी अस्पताल में दाखिल करवाया है। उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। मामला घरेलू कलह का बताया जा रहा है।
गन्नौर थाना प्रभारी रवि कुमार ने बताया कि गांव पुरखास निवासी सुनीता (36) व उनके बेटे तुषांत (14) के जहर निगलने की सूचना मिली थी। जब उनकी हालत बिगड़ी तो परिजन दोनों को लेकर सोनीपत के निजी अस्पताल में पहुंचे। दोनों की हालत गंभीर होने के चलते बयान दर्ज नहीं हो सके हैं। बताया जा रहा है कि घरेलू कलह में जहर निगला है, लेकिन पुलिस का कहना है कि बयान दर्ज करने के बाद असल कारणों का पता लग सकेगा। मामले की जांच जारी है।