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बेटी की हत्या: पिता ने पकड़े हाथ, मां ने गला दबाकर मार डाला, फिर रची झूठी कहानी, वजह कर देगी हैरान

Wed, 03 May 2023 09:36 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)

सार

13 साल की बालिका गांव असदपुर में किराये के घर में छत पर पड़ी मिली थी। मूलरूप से मध्य प्रदेश का परिवार तीन साल से असदपुर में रहता है। माता-पिता ने मौत के बाद पोस्टमार्टम करवाने से इंकार किया था। पुलिस ने मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया था। जिसमें गला दबाकर हत्या करने का पता लगा था।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हरियाणा के सोनीपत के राई क्षेत्र के गांव असदपुर में मकान की छत पर बेसुध पड़ी मिली 13 वर्षीय किशोरी की हत्या उसके माता-पिता ने ही की थी। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने दोनों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

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मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ के गांव अमरपुर निवासी गंगाराम ने 30 अप्रैल को मुरथल थाना पुलिस को बताया कि वह तीन साल से गांव असदपुर में भगत सिंह के मकान में किराये पर रहकर राजमिस्त्री का काम करता है। उसकी पत्नी शोभा देवी भी उसके साथ मजदूरी करती है। उनकी बेटी नीतू (13) गांव के सरकारी स्कूल में सातवीं कक्षा की छात्रा थी।

बेटी ने सुबह स्कूल की किताब दिलाने के लिए कहा था। जिस पर करीब 11 बजे उन्होंने अपनी पत्नी शोभा को घर भेजा था। जब वह घर पहुंची तो बेटी छत पर बेसुध मिली। जानकारी मिलने के बाद वह घर पहुंचा और बेटी को लेकर अस्पताल गया। वहां पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। उन्होंने पोस्टमार्टम करवाने व उसके आधार पर कार्रवाई करने की मांग की थी। पुलिस को 1 मई को किशोरी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिली तो उसमें गला घोंटने से मौत होना बताया गया था।
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ऐसे हुआ खुलासा
मामले में पुलिस ने जांच शुरू की तो शक गंगाराम और उसकी पत्नी शोभा पर गहरा गया। क्योंकि उन्होंने पहले पोस्टमार्टम करवाने से इंकार कर दिया था। जांच अधिकारी पवन कुमार की टीम ने गंगाराम और शोभा से पूछताछ की तो उन्होंने हत्या करने की बात कबूल ली। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने हत्या के दिन सुबह करीब आठ बजे काम पर जाने से पहले नीतू को मारने की तैयारी कर ली थी। गंगाराम ने बताया कि उसने बेटी के हाथ पकड़ लिए और शोभा ने उसका गला दबाकर हत्या कर कर दी। बाद में वे अपने दोनों बच्चों को लेकर काम पर चले गए। करीब तीन घंटे बाद पत्नी को भेजकर बेटी के बेसुध मिलने की कहानी रची थी।

ये थी वजह
आरोपियों ने बताया कि वह बेटी को करीब सवा माह पहले गांव से लेकर आए थे। वह उनकी बात नहीं सुनती थी और गांव के किसी लड़के से मोबाइल फोन पर बातचीत करती थी। उन्होंने उसे मना किया पर वह नहीं मानी। वह उनसे बहस करती थी, जिससे तंग आकर उन्होंने हत्या की योजना बनाई। वारदात के दिन खाना खाने के दौरान भी उन्होंने समझाया पर वह नहीं मानी तो उसकी हत्या कर दी। मुरथल थाना के प्रभारी जसपाल सिंह ने बताया कि दंपती की भूमिका संदिग्ध मिलने पर जांच की गई तो उन्होंने हत्या की बात कबूल ली है।

छोटे बेटा-बेटी को साथ ले गए बुआ और मौसी
गंगाराम और उसकी पत्नी शोभा की एक छोटी बेटी आस्था (4) व बेटा रितिक (3) हैं। दंपती के जेल जाने के बाद बच्चों की मौसी व बुआ तथा देवर मुरथल से उन्हें अपने साथ ले गए। अब उन्हें मध्य प्रदेश में दादा या मौसी के घर पर रखा जाएगा।

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