उपमंडल के गांव शेखपुरा गांव में बिजली निगम के कर्मचारियों की लापरवाही के चलते शेखपुरा गांव के 24 वर्षीय एक युवक को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। सूचना पर पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवा दिया।
पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर आरोपी लाइनमैन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। बाद में बिजली निगम के कर्मचारियों की लापरवाही से मारे गए युवक के परिजनों को मुआवजा देने की मांग को लेकर गन्नौर-गोहाना रोड पर जाम लगा दिया। इस दौरान ग्रामीणों ने निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। सूचना पर पहुंचे डीएसपी सतीश कुमार और मुरथल थाना प्रभारी अजय कुमार जाम खोलने के लिए ग्रामीणों को समझाने में जुट गए। अंतत: छह घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस के हरसंभव मदद के आश्वासन पर ग्रामीणों ने जाम खोल दिया।
गांव के पास रखे ट्रांसफार्मर से बिजली खराब हो गई थी। ग्रामीणों ने इसकी सूचना गांव में तैनात बिजली कर्मचारी धर्मसिंह को दी तो वह मौके पर पहुंचा और बिजली ठीक करने के लिए पालेराम पुत्र होशियार सिंह को ट्रांसफार्मर पर चढ़ा दिया। इस दौरान बिजली का करंट लगने से पालेराम की मौके पर ही मौत हो गई। परिजनों ने लाइनमैन पर लापरवाही करने का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दी जिस पर उसके खिलाफ धारा-304 के तहत मामला दर्ज कर लिया। पालेराम की मौत से आहत ग्रामीणों का आरोप है कि मौके पर खड़े बिजली विभाग के लाइनमैन ने ही उसे बिजली ठीक करने के लिए ट्रांसफार्मर पर चढ़ाया था।
ग्रामीण रोहतास बैनीवाल, कुंवरभान, आनंद, राकेश, महेंद्र, सुरेश, कृष्ण, कर्मबीर, जसवंत आदि का कहना था कि बिजली कर्मी की लापरवाही के कारण युवक की मौत हुई तो विभाग को परिजनों का इसका मुआवजा देना चाहिए। यह कहते हुए ग्रामीणों ने लगभग 3 बजे जाम लगा दिया। जाम की सूचना पर गन्नौर थाना के कार्यकारी प्रभारी जोगेंद्र मौके पर पहुंचे और जाम को खुलवाने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीण मांग पर अड़े रहे।
उसके बाद डीएसपी सतीश कुमार व मुरथल थाना प्रभारी अजय कुमार भी मौके पर पहुंचे और जाम खोलने के लिए ग्रामीणों को समझाने का प्रयासों में जुट गए। रात में लगभग 9 बजे हरसंभव मदद के आश्वासन पर ग्रामीण माने और रास्ता खोल दिया। जाम के दौरान वाहन चालकों का काफी परेशानी झेलनी पड़ी। कुछ वाहन चालक आस-पास के संपर्क मार्गों से होते हुए अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए।