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सांड़ों की लड़ाई से बाइक सवार पति की मौत, पत्नी बाल-बाल बची

Tue, 25 Aug 2015 12:47 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सोनीपत
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गोवंशों को पकड़ने के लिए समय-समय पर कैटल स्ट्रे अभियान को जारी रखने का वायदा करने वाला पुलिस विभाग इस अभियान को हमेशा के लिए भूल गया।
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आज सड़कों से बेसहारा गौवंश को हटाकर गौशाला पहुंचने का दावा करने वाली पुलिस के सामने ही ना जाने कितने गौवंश घूमते रहते हैं। इसके बावजूद इन्हें गौशाला नहीं ले जाया जा रहा। विभिन्न थानों और चौकियों के बाहर भी गऊ वंश का पूरा दबदबा रहता है।

आंखों के सामने होते हुए भी अभियान के तहत अपना कर्तव्य नहीं निभा रही। जिससे आने जाने वालों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसा ही एक मामला रविवार रात को हुए।
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एक दंपत्ति बाइक पर सवार होकर किसी काम से सेक्टर-12 की तरफ जा रहे थे, जब वे सिविल अस्पताल के पास पहुंचे तो दो सांड़ों की हो रही लड़ाई के दौरान बाइक के टकराने पर बाइक सवार पति की सड़क पर गिरने से मौके पर ही मौत हो गई।

जानकारी अनुसार शहर के मोहल्ला क लां निवासी मनोहरलाल (50) रविवार रात को  बाइक पर सवार होकर अपनी पत्नी इंदू के साथ किसी काम के साथ सेक्टर-12 की तरफ जा रहा था, जब वह सिविल अस्तपाल के नजदीक पहुंचा तो वहां पर सड़क के बीच दो सांडों की लड़ाई चल रही थी।

इस दौरान उनसे बचने के लिए वहां से गुजर रहा था। अचानक बाइक की टक्कर सांडों से हो गई। टक्कर लगते ही बाइक जमीन पर गिर गई और बाइक सवार मनोहरलाल गंभीर रूप से घायल हो गया। जबकि उसकी पत्नी इंदू बाल-बाल बच गई।

तभी राहगीरों ने उसे निजी अस्पताल में दाखिल करवाया, जहां उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। मामले की सूचना थाना सिविल लाइन के अंतर्गत सिक्का कालोनी चौकी पुलिस ने मुआयना कर शव को कब्जे में लिया और सोमवार को शव का सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया।

गौशालाओं का उपयोग क्यों नहीं हो पा रहा है। यहां तक कि सरकार द्वारा दिया जा रहा अनुदान कहां उपयोग हो रहा है। गौशालाएं होने के बावजूद गायों के झुंड सड़कों पर बैठे रहते हैं।

इससे लोगों को परेशानी होती है। वहीं आए दिन वाहनों की चपेट में आने से इन पशुओं को काल का ग्रास बनना पड़ता है। या फिर लोगों को भी दुर्घटनाओं का सामना करना पड़ रहा है। दुर्घटना का शिकार होने वाले गौवंश को अस्पताल लाने के लिए प्रशासन वाहन की व्यवस्था करवाए।

गत 27 जून को रोहतक रेंज के आईजी श्रीकांत जाधव के निर्देशों के कैटल स्ट्रे अभियान की शुरूआत की थी। वह शुरूआत मात्र एक ही दिन की रही। उस दिन आईजी श्रीकांत जाधव के सामने 50 से अधिक गौवंश को पकड़कर ट्रकों और कैंटरों में गौशाला ले जाया गया था। वीआईपी काफिले की तरह एस्कॉर्ट करते हुए गौवंश को सम्मान दिया गया था। उस दिन के बाद जिला पुलिस भी शायद इस मिशन को भूल गई।

शहर से मात्र 52 गौवंशों को पहुंचाया था गौशाला में
27 जून को नई अनाजमंडी से 52 गौवंश को 11 कैंटरों में भरा गया था। सुबह लगभग 10.30 बजे आईजी श्रीकांत जाधव के पहुंचने से पहले सब कुछ रेडी था। आईजी साहब आए अपना अनुभव सांझा किया और इसके बाद झंडी दिखाकर अभियान को रवाना किया। ओल्ड डीसी रोड, मामा भांजा चौक, बसस्टैंड, गांधी चौक से होते हुए एस्कोर्ट की 14 गाड़ियों में गोवंश को मुरथल स्थित गौशाला ले जाया गया था। इसी दिन शाम के समय भी 27 गोवंश को गौशाला में ले जाया गया था।
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पुलिस विभाग की ओर से आईजी के निर्देशानुसार कैटल स्ट्रे अभियान जारी है। पुलिस विभाग के इस अभियान में गौ रक्षा दल भी सहयोग कर रहा है। शहर के विभिन्न स्थानों पर बैठे गोवंशों को पकड़कर गौशाला में छोड़ा जा रहा है।  
-सुनील कुमार, डीएसपी, सोनीपत
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