पति-पत्नी के बीच मनमुटाव के बाद मायके गई पत्नी को नाहरी गांव का एक युवक माफी मांगी पहले घर लाया। इसके बाद विवाद होने पर पत्नी की गला दबाकर हत्या कर दी। वारदात एक साल पुरानी है, जिसमें अब अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गगनगीत कौर की अदालत ने दोषी मनोज को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ में पांच हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना न भरने पर दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
पुलिस के मुताबिक, 29 अगस्त 2015 को दिल्ली के नरेला स्थित प्रेम कालोनी निवासी अनिल ने शिकायत दी कि 20 वर्षीय आरती की शादी जुलाई, 2013 में गांव नाहरी निवासी मनोज के साथ की थी। शादी के कुछ दिनों बाद ससुराल वाले आरती को दहेज लाने के लिए तंग करने लगे। इस कारण वह कई दिन मायके में रही। आरोपी मनोज व उसके परिजन माफी मांग कर ससुराल ले जाते और प्रताड़ित करना शुरू कर देते। अनिल ने पुलिस को बताया कि अगस्त 2015 को ससुराल वालों ने फोन किया कि आरती की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उसे नरेला के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जब मायके वाले अस्पताल पहुंचे तो आरती की मौत हो चुकी थी और गले पर निशान दिखाई दे रहे थे। उसकी बहन की ससुराल वालों ने गला दबाकर हत्या की थी।
पुलिस ने आरती के भाई के बयान पर उसके पति, भाभी व ननद के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज किया था। तभी से जिला अदालत में केस की सुनवाई चल रही थी। अब अदालत ने आरती के पति मनोज को दहेज हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई, जबकि भाभी व ननद को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया।