लगभग एक साल पहले गांव मोई माजरी में पत्नी की हत्या करने के आरोपी को अदालत ने दोषी करार दिया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गगनगीत दोषी पति को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषी पर पांच हजार रुपये जुर्माना भी किया गया है। जुर्माना न भरने की सूरत में दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
जानकारी के मुताबिक, 7 नवंबर 2014 को गांव मोई माजरी निवासी बलराम ने थाना राई में शिकायत दी थी कि उसने अपनी बहन ऊषा (33) की शादी वर्ष 2002 में गांव गढ़ मिरकपुर निवासी कपिल के साथ की थी। सात नवंबर को उसे पता लगा था कि उसकी बहन की मौत हो गई है। उसके सिर में चोट मारकर हत्या की गई थी। जब बच्चे स्कूल से लौटे तो वारदात का पता चला। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई।
कपिल ने इस मामले में ऊषा के पति कपिल, सास कृष्णा और ननद पर हत्या का आरोप लगाया था। पुलिस ने इस मामले में आरोपी पति कपिल को गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी ने बताया कि पत्नी के साथ उसकी कहासुनी हो गई थी। इस दौरान उसकी पत्नी के सिर में चोट लगने से उसकी मौत हो गई।
अन्य को जांच में निकाल दिया गया था। इस मामले में अदालत ने आरोपी कपिल को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। दोषी पर पांच हजार रुपये जुर्माना भी किया गया है। बता दें कि ऊषा की मौत से उसके तीन बच्चों बेटी मानसी (11), स्नेहा (8) व बेटे रौनक (6) के सिर से मां का साया उठ गया था।