हरियाणा के सोनीपत में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र सिंह ने आन के लिए युवक-युवती की हत्या करने के मामले में सुनवाई करते हुए युवती के पिता, चचेरे व फुफेरे भाई को उम्रकैद की सजा सुनाई है। तीनों दोषियों पर अदालत ने 25-25 हजार रुपये जुर्माना भी किया है। जुर्माना अदा न करने पर 15 माह अतिरिक्त कैद कर सजा भुगतनी होगी।
मोहाना थाना के गांव गुहणा से भागकर गांव के मनोज व प्रेरणा ने रोहतक में प्रेम विवाह कर लिया था। मामले का पता लगने पर मोहाना थाना के तत्कालीन एसआई पूर्ण सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने 21 अगस्त, 2020 को पुलिस को बताया थी गांव के दोनों युवक-युवती 10 अगस्त को घर से गए थे।
बाद में उन्हें पता लगा कि वह शादी करने के बाद जींद के सफीदों में रहने लगे थे। इसका उनके परिवार के सदस्यों को पता लग गया था। जिस पर परिवार के सदस्य युवक-युवती को सफीदों से बहकाकर गाड़ी में गांव ले आए थे। उन्होंने कहा था कि उनकी शादी करा दी जाएगी। रात को गांव के बाहर बणी में युवक-युवती की हत्या कर दी गई थी।
पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया था। मामले में युवती के पिता दिलबाग को गिरफ्तार किया गया था। जिसने पुलिस को बताया था कि सफीदों से गांव में लेकर आने के बाद गांव के बाहर बणी में दोनों की हत्या की गई थी। युवती का पिता बाद में वहां पहुंचा था। वह साथ में प्लास्टिक के पल्लड़ लेकर गया था। जिसमें बांधकर दोनों के शवों को रिठाल के पास नहर में डालकर आ गए थे।
जिस पर पुलिस ने मामले में युवती के फुफेरे भाई गांव छतेहरा निवासी सुनील उर्फ शीला को गिरफ्तार कर लिया था। वहीं बाद में युवती के चाचा व उसके चचेरे भाई रोबिन व एक अन्य को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने मामले में वारदात में प्रयुक्त बाइक व गाड़ी को बरामद कर लिया था।
मामले में रोहतक से युवक-युवती के शादी के प्रमाणपत्र बरामद किए गए थे। पुलिस ने युवक-युवती के शव झज्जर के सालावास थाना क्षेत्र में माइनर से क्षत-विक्षत अवस्था में बरामद किए थे। पुलिस ने मामले में युवती के पिता दिलबाग, चचेरे भाई रोबिन व फुफेरे भाई सुनील के अलावा रोबिन के पिता व भाई तथा अन्य को भी गिरफ्तार किया था।
मामले की सुनवाई के बाद एएसजे शैलेंद्र सिंह की अदालत ने युवती के पिता दिलबाग, चचेरे भाई रोबिन व फुफेरे भाई सुनील को दोषी करार दिया। मंगलवार को सजा सुनाते हुए तीनों को हत्या के मामले में उम्रकैद व 15-15 हजार रुपये जुर्माना तथा शवों को खुर्द-बुर्द करने के मामले में तीन साल कैद व 10-10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।