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Sonipat: पांच हजार के लेनदेन में हत्या करने के दोषी को उम्रकैद, गोली मारकर कर दी थी वारदात

Fri, 12 May 2023 09:32 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)

सार

फर्नीचर दुकानदार की सिर में गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने मृतक के भाई के बयान पर 12 अप्रैल, 2018 को मुकदमा दर्ज किया था। दोषी को उम्रकैद और 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। 
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Jail demo - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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हरियाणा सोनीपत में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. संजीव आर्य ने फर्नीचर दुकानदार की हत्या के मामले में सुनवाई करते हुए दोषी को उम्रकैद और 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर नौ माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

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गांव देवडू निवासी यासीन ने 12 अप्रैल, 2018 को सदर थाना पुलिस को बताया था कि उनके छोटे भाई यामीन उर्फ मीनू (33) देवडू रोड पर कुलदीप नर्सरी के पास खत्री वुड वर्क्स के नाम से फर्नीचर की दुकान चलाते थे। वह सुबह घर से दुकान पर आए थे।

सुबह करीब सवा 11 बजे वह पड़ोस में वेल्डिंग की दुकान पर बैठे थे। उसके आसपास वेल्डिंग की दुकान पर काम करने वाले अन्य कर्मी भी थे। इसी बीच पल्सर बाइक पर सवार होकर प्रदीप उर्फ प्रवीन लाकड़ा उसके भाई यामीन के पास पहुंचा था। उसने यामीन के पास आकर गालियां दीं और कहा कि उसके पांच हजार रुपये क्यों नहीं दिए।
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फिर अचानक पिस्तौल निकाल ली और उनके भाई के सिर से सटाकर दो गोली मार दी थी। अचानक हुई वारदात के बाद दुकान पर बैठे कर्मी घबरा कर भाग गए थे। इसी बीच युवक पल्सर बाइक पर सवार होकर भाग गया था। बाद में यामीन को नागरिक अस्पताल में ले जाया गया था। जहां पर चिकित्सकों ने यामीन को मृत घोषित कर दिया था।

सूचना के बाद तत्कालीन डीएसपी डॉ. रवींद्र कुमार व तत्कालीन सदर थाना प्रभारी वजीर सिंह रेढू और सीआईए-2 प्रभारी विवेक अपनी टीम के साथ अस्पताल में पहुंचे थे। पुलिस ने यामीन के भाई यासीन के बयान पर मूलरूप से गांव चिटाना व घटना के समय इंडियन कॉलोनी निवासी प्रदीप उर्फ प्रवीन लाकड़ा के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया था।

यासीन ने बताया था कि प्रवीन स्टील का काम करता है। उसने उनके घर पर स्टील का काम किया था। जिसमें उसके भाई यामीन के साथ प्रवीन का पांच हजार रुपये को लेकर झगड़ा हुआ था। जिसकी रंजिश में ही उसके भाई की हत्या की गई। बाद में तत्कालीन थाना प्रभारी वजीर सिंह की टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।

मामले की सुनवाई के बाद एएसजे डॉ. संजीव आर्य ने शुक्रवार को दोषी को भादंसं की धारा 302 में उम्रकैद व 10 हजार रुपये जुर्माना तथा अवैध शस्त्र अधिनियम में तीन साल कैद व पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर तीन माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।

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