शहर के सबसे व्यस्त इलाके गीता भवन चौक स्थित एक चाय भंडार में लिफ्ट में फंसने से एक 13 वर्षीय बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई।
पहले किशोर का सिर फटा, फिर छाती की हड्डियां टूट कर बाहर निकल आईं। कोट मोहल्ला निवासी यह बच्चा दुकान में ही काम करता था। सूचना मिलने के बाद पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लिया और सामान्य अस्पताल में पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने दुकान संचालक के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज कर लिया है।
इस हादसे से व्यवस्था पर एक बार फिर सवालिया निशान उठा दिए हैं। दुकान पर किशोर से लिए जा रहे काम पर श्रम विभाग के पास कोई जवाब है। वहीं, कामर्शियल बिल्डिंग में लिफ्ट को लेकर की गई नियमों की अनदेखी पर नगर निगम भी मौन है।
दीवार और लिफ्ट के बीच फंस गया किशोर
पुलिस के अनुसार, कोट मोहल्ला निवासी सौरव (13) कुछ समय से गीता भवन चौक स्थित एक चाय भंडार में काम कर रहा था। सोमवार सुबह 10.30 बजे सौरव और सोनू ने दुकान में बनी लिफ्ट में चाय पत्ती के कुछ कट्टे रखे थे। इसके बाद सौरव लिफ्ट में चढ़ गया।
जब लिफ्ट ऊपर जाने लगी तो सोनू लिफ्ट के नीचे लटक गया। सौरव नीचे झुककर उसे देखने लगा, इसी दौरान उसका सिर दीवार और लिफ्ट के बीच में आ गया। हादसे में सौरव की मौके पर ही मौत हो गई। पास में ही खड़े सोनू और एक अन्य युवक ने मामले की सूचना अन्य को दी। इस मामले में सौरव के पिता रामेश्वर की शिकायत के आधार पर पुलिस ने चाय भंडार के संचालक दयानंद के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
घर में मातम लेकिन खुली रही दुकान
सौरव तीन भाई-बहनों में सबसे छोटा था। उसके एक भाई और एक बहन हैं। दिवाली से ठीक पहले हुए हादसे के बाद घर में मातम का माहौल है। वहीं, किशोर की मौत के बाद भी चाय भंडार खुला रहा और उसमें काम होता रहा। संवेदना प्रकट करने के लिए भी चाय भंडार के मालिकों की ओर से कोई नहीं पहुंचा। इसका परिजनों तथा अन्य समाजसेवियों ने रोष जताया।
13 साल का बच्चा, चाइल्ड एक्ट में नहीं दर्ज हुआ मामला
इस मामले में पुलिस की भूमिका भी संदिग्ध है। सौरव के आधार कार्ड के आधार पर उसकी उम्र 13 वर्ष है। इस लिहाज से चाय भंडार के संचालक के खिलाफ चाइल्ड एक्ट का मामला भी बनता है, लेकिन पुलिस कर्मियों ने ऐसी कोई धारा जोड़ी ही नहीं और लापरवाही का मामला दर्ज कर अपने काम की इतिश्री कर ली।
सोनू लापता, परिजनों ने लगाया आरोप
सौरव को अपनी आंखों के सामने फंसकर मरता हुआ देखने वाला सोनू हादसे के बाद से लापता है। यहां तक कि परिजनों को भी सोनू की कोई खबर नहीं है। सामान्य अस्पताल में सौरव के परिजनों के साथ पहुंचे सोनू के परिजनों ने आरोप लगाया कि दुकान संचालक ने ही सोनू को कहीं छिपाया है। हालांकि, इस मामले में गीता भवन चौकी पुलिस ने किसी तरह की शिकायत आने से इनकार किया है।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची थी। शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों के हवाले कर दिया गया है। पिता रामेश्वर की शिकायत के आधार पर चाय भंडार के मालिक दयानंद के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज किया गया है। जांच के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।
रणवीर, प्रभारी, गीता भवन चौकी, पुलिस
सिर्फ नक्शे में लिफ्ट दिखाओ, चेक करने का नियम नहीं
नगर निगम के एक्सईएन ठाकुर लाल शर्मा ने बताया कि किसी भी संस्थान की लिफ्ट की वैधता केवल नक्शों में ही होती है। अगर नक्शे में लिफ्ट पास है तो लिफ्ट वैध है। निगम की ओर से ऐसा कोई नियम नहीं है कि लिफ्ट की जांच की जाए या फिर उन पर नजर रखी जाए। यह काम तो मालिक का ही होता है।
चेकिंग के दौरान भगा देते हैं बच्चों को
वैसे तो मैं लेबर इंस्पेक्टरों से चेकिंग के लिए भेजता रहता हूं, लेकिन ये लोग बाल मजदूरों को छिपा जाते हैं या उस समय भगा देते हैं। सौरव वाले मामले में उसके माता-पिता अगर वर्कमेंट कंपन्सेशन एक्ट के तहत शिकायत करें और ये साबित कर दें कि सौरव वहीं काम करता था तो उन्हें मुआवजा दिलवाया जाएगा।
बलधीर सिंह, अतिरिक्त श्रमायुक्त, सोनीपत।
चाइल्ड एक्ट जोड़ने की करेंगे मांग
हादसे में हुई बच्चे की मौत के मामले में नौजवान भारत सभा मंगलवार को पुलिस अधीक्षक से मिलकर चाइल्ड एक्ट के तहत मामला दर्ज करने की मांग करेगी। सभा सदस्य पंकज त्यागी ने कहा कि मालिकों की लापरवाही से बच्चे की जान चली गई, लेकिन मालिकों पर इस बात का कोई असर नहीं हुआ और दुकान तक खुली रखी।