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Sonipat: छह वर्ष से युवाओं को झांसा देकर ऐंठ रहे थे रुपये, थमा देते थे फर्जी नियुक्ति पत्र, GRP ने किया काबू

Sun, 11 Dec 2022 09:11 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)

सार

आरोपी बेरोजगार युवकों से रुपये ऐंठकर फर्जी नियुक्ति व पहचान पत्र थमा देते थे। इस गैंग में दिल्ली के रोहिणी न्यायालय के दो अधिवक्ता व एक ऑटो चालक शामिल है। आरोपी सुरेंद्र उर्फ शैलेंद्र को न्यायिक हिरासत में भेजा है। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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हरियाणा के सोनीपत में रेलवे में नौकरी लगवाने का झांसा देकर रुपये ऐंठने वाले तीन आरोपियों को राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) गिरफ्तार कर चुकी है। आरोपी 6 वर्ष से गैंग बनाकर युवाओं को फांसकर रुपये ऐंठने का काम कर रहे थे। इस गैंग में दिल्ली के रोहिणी न्यायालय के दो अधिवक्ता व एक ऑटो चालक शामिल है।

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मामले में राजकीय रेलवे पुलिस ने रविवार को तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया। जहां से सुरेंद्र उर्फ शैलेंद्र को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। दो अन्य आरोपियों कृष्ण व लव कुमार को तीन दिन के रिमांड पर लिया गया है।

रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगार युवकों से रुपये ऐंठने वाला गैंग क्षेत्र में सक्रिय है। जिसकी शिकायत राजकीय रेलवे पुलिस को मिल रही थी। आरोपी युवकों को अपनी बातों में फंसाकर उनसे 50 हजार से दो लाख रुपये तक ऐंठ लेते थे। जिसके बाद उन्हें फर्जी नियुक्ति व पहचान पत्र थमा दिया जाता था।
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जिसकी शिकायत पानीपत के न्यू आरके पुरम जाटल रोड निवासी मंजीत कुमार ने राजकीय रेलवे पुलिस को दी थी। 7 दिसंबर को आरोपियों ने मंजीत कुमार को फर्जी नियुक्त व पहचान पत्र देने के लिए रेलवे स्टेशन स्थित रेलवे की पार्किंग में बुलाया था। राजकीय रेलवे पुलिस ने दो आरोपियों गांव भदाना निवासी सुरेंद्र उर्फ शैलेंद्र व गांव तिहाड़ फिलहाल कुंडली स्थित अंसल सोसाइटी निवासी लव कुमार को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया था। 

शनिवार को तीसरे आरोपी अशोक विहार निवासी अधिवक्ता कृष्ण को भी गिरफ्तार किया गया था। जिनमें सुरेंद्र उर्फ शैलेंद्र ऑटो चालक है, जो बेरोजगार युवकों को झांसे में फंसाकर गैंग के अन्य सदस्यों तक पहुंचाता था। जिसके बाद युवकों को जाल में फंसाकर उन्हें रुपये ऐंठ लिए जाते थे।

बताया जा रहा है कि आरोपी 2016 से गैंग चला रहे हैं। अभी तक कई युवकों से ठगी कर चुके हैं। वह 50 हजार से दो लाख रुपये तक लेते थे। इसके बाद फर्जी कागजात देकर छह महीने बाद नौकरी पर आने का झांसा देते थे, ताकि पीड़ित युवक पुलिस तक न पहुंचे।

रेलवे में नौकरी लगवाने का झांसा देकर रुपये ऐंठने के मामले में तीनों आरोपियों को रविवार को न्यायालय में पेश किया गया। जहां से आरोपी सुरेंद्र उर्फ शैलेंद्र को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। दो आरोपियों दिल्ली के रोहिणी न्यायालय के अधिवक्ता कृष्ण व लव कुमार को तीन दिन के रिमांड पर लिया गया है। ठगी का शिकार हुए युवकों का पता लगाया जा रहा है। अब तक मामले में चार युवक अपनी शिकायत दे चुके हैं। -धर्मपाल, थाना प्रभारी, राजकीय रेलवे पुलिस, सोनीपत

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