गांव कटवाल की नवनिर्वाचित सरपंच पर धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। कटवाल गांव के ही दिनेश ने इसकी शिकायत पुलिस को दी है। दिनेश का आरोप है कि नवनिर्वाचित सरपंच अनीता ने बुढ़ापा पेंशन बनवाई थी। जबकि पेंशन बनवाने की न्यूनतम उम्र 60 साल है, लेकिन खुद को अनपढ़ बताकर अनीता सालों से तब से बुढ़ापा पेंशन ले रही है जब उसका पति जगदीश गांव का पंच होता था। फिलहाल पुलिस ने नवनिर्वाचित सरपंच के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
थाना सदर प्रभारी फूलकुंवार ने बताया कि गांव कटवाल निवासी दिनेश ने पुलिस को शिकायत दी है कि उसके गांव की नवनिर्वाचित सरपंच अनीता गोहाना विकास खंड के ही ककाणा गांव की बेटी है। दिनेश द्वारा प्रस्तुत किए गए कागजात के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी अनीता के जन्म प्रमाणपत्र के मुताबिक उसकी जन्म तिथि 1 फरवरी 1967 है।
हालांकि खानपुर कलां गांव के कन्या गुरुकुल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, जहां से अनिता ने 29 अप्रैल 1980 से 31 मार्च 1982 तक कक्षा 9 और कक्षा 10 की पढ़ाई की। स्कूल की प्रिंसिपल द्वारा 29 जनवरी 2016 को जारी प्रमाण-पत्र के मुताबिक अनीता की जन्मतिथि 7 जुलाई 1966 है। दोनों जन्म तिथियों में से किसी के भी मुताबिक अनीता की उम्र आज भी 60 साल नहीं है। दिनेश के अनुसार एक तरफ तो कागजात पेश कर अनीता पिछले कई सालों से पेंशन लेती आ रही और दूसरी तरफ वह अन्य कागजात पेश कर गांव की सरपंच बन गई। दिनेश की शिकायत पर पुलिस ने सरपंच के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सरकार की नीति के अनुसार जमा करा दिए थे पैसे
इस मामले में सरपंच अनीता के पति जगदीश ने बताया कि उन्होंने सितंबर 2015 में ही खट्टर सरकार की नीति के अनुसार रुपये जमा करा दिए थे। जगदीश के अनुसार उस समय 60,800 रुपये सरकारी खाते में जमा कराए थे, उसके बाद से कोई पेंशन नहीं ली गई।