हरियाणा बाल कल्याण परिषद की फाइल में एक बिल नंबर 012734 लगा मिला था। यह बिल राई क्षेत्र स्थित एक शराब ठेके का था। आरोप है कि तत्कालीन जिला बाल कल्याण अधिकारी, जिला प्रोग्राम अधिकारी, सहायक जिला बाल अधिकारी व कोषाध्यक्ष ने शराब के बिल पर हस्ताक्षर कर फाइल में पास कराने के लिए लगाया था। डीसी कार्यालय में स्वीकृति को भेजे बिलों में शराब के साथ ही खाने के 10,597 रुपये और 21,463 रुपये के बिल भी लगाए गए थे।
किसने पी शराब, इसका अभी भी नहीं मिला जवाब
नगराधीश की तरफ से डीसी कार्यालय में दी गई जांच रिपोर्ट में बच्चों के खाने पीने के बिलों में शराब के बिलों का जोड़ा जाना सही पाया गया है। हालांकि यह सवाल अब भी खड़ा है कि आखिर जिस अधिकारियों के शराब के बिल जोड़े गए, वह कौन थे। उनके बिल बाद में बच्चों के कार्यक्रम के बिलों के साथ जोड़ दिए गए थे।
सोनीपत के डीसी के अनुसार
मामला संज्ञान में आने के बाद जिलास्तर पर भी एक कमेटी का गठन किया गया था। कमेटी ने जांच कर अपनी रिपोर्ट सोमवार को सौंप दी है। आरोप सिद्ध हो गए हैं। -ललित सिवाच, डीसी, सोनीपत।