गांव जुआं निवासी युवक को जलाकर मारने के मामले में दोष साबित होने पर पत्नी व सास-ससुर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। मरने से पहले युवक ने मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराए थे। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय तेवतिया की अदालत ने वीरवार को यह फैसला सुनाया।
गांव जुआं निवासी मनोज कुमार को एक अगस्त, 2012 को जली हुई हालत में सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां से उसे पीजीआई, रोहतक रेफर कर दिया गया था। वहां मनोज ने मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराया था कि उसकी शादी जनवरी, 2012 में गांव खेवड़ा निवासी प्रीति के साथ हुई थी। ढाई माह बाद ही प्रीति कहासुनी कर अपने मायके चली गई थी। मनोज ने बताया था कि वह अक्सर उससे पैसों की मांग करती थी। जब वह मना करता था उसे धमकी देती थी। पत्नी के मायके जाने पर वह उसे लेने भी गया था। इसके बावजूद वह नहीं आई। आरोप लगाया कि ससुराल पक्ष के लोगों ने उसके खिलाफ दहेज प्रताड़ना की झूठी शिकायत दे दी। बाद में पंचायती तौर पर समझौता हो गया।
क अगस्त, 2012 को उसके ससुराल वालों ने उसे घर बुलाया था, जहां उसके उसके ससुर श्रीभगवान, पत्नी प्रीति व सास निर्मला ने उस पर केरोसिन डालकर आग लगा दी थी। इससे वह बुरी तरह से झुलस गया था। पुलिस ने मनोज के बयान पर आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया था। बाद में मनोज की सात अगस्त को उपचार के दौरान मनोज की मौत हो गई थी। इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया था। पुलिस ने मामले में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।
मामले की सुनवाई करते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय तेवतिया की अदालत ने ससुर श्रीभगवान, सास निर्मला व पत्नी प्रीति को दोषी करार दिया है। तीनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।