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एसआईटी को सौंपी जांच, दो घंटे खंगाला गोविंदा का मकान, गवाहों के लिए बयान

Sun, 25 Oct 2015 12:59 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला गोहाना
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शहर के देवीनगर इलाके के दलित किशोर की मौत के मामले की जांच अब एसआईटी करेगी। डीएसपी रोहतक अमित भाटिया के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम शनिवार को यहां पहुंची और दो घंटे तक मृतक किशोर गोविंदा के मकान का वह हिस्सा खंगाला, जहां उसकी लाश मिली थी। उधर, प्रदेश सरकार ने पीड़ित परिवार को 2 लाख 81 लाख हजार 251 रुपये आर्थिक सहायता दी है।
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शैलजा के सामने फूटा मां का दर्द
पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी शैलजा मृतक किशोर के घर पहुंची तो गोविंदा की मां पुलिस पर जमकर बरसीं। उसने आरोप लगाया कि जब शव को रोहतक पीजीआई से गोहाना लाया जा रहा था, तब साथ में मौजूद पुलिस कर्मचारियों ने दबाव डाला कि शव को सीधे श्मशान घाट ले जाओ।

मना किया तो जवाब मिला कि ये 20-30 रुपये का पव्वा पीने वाले लोग हैं। पीकर लुढ़क जाएंगे तो कुछ भी कर लेंगे। इसीलिए रात 11 बजे प्रशासन के अधिकारी उनके घर आए तथा रात के समय अंतिम संस्कार के लिए परेशान करने लगे। लेकिन परिजनों और आसपास के लोगों के दबाव में बैरंग लौट गए। परिजनों ने कहा कि उन्हें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर भी विश्वास नहीं है। उसमें भी गड़बड़ी की गई है।
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मैं तो कहकर आया था भाई की जमानत करवा लूंगा
गोविंदा के बड़े भाई गौतम का आरोप है कि उसके छोटे भाई को छोड़ने के लिए पहले ढाई हजार रुपये मांगे गए। फिर पांच हजार पर आ गए। जब पांच हजार रुपये का इंतजाम करके पहुंचा, तो केस दर्ज न करने के नाम पर और ज्यादा मांग की गई। इस पर उसने खुलकर कह दिया कि मेरे भाई के खिलाफ केस दर्ज कर दो, मैं उसे जमानत पर छुड़वा लूंगा।

दो घंटे तक की एसआईटी ने जांच
शनिवार को तीन सदस्यीय टीम का गठन होते ही एसआईटी टीम गोहाना पहुंची। टीम ने पीड़ित के घर करीब एक घंटे तक घटनास्थल का जायजा लिया और गवाहों व शिकायतकर्ताओं के बयान लिए।

नामजद पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी पर अड़े परिजन
पीड़ित परिवार आरोपी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी पर अड़ा हुआ है। परिजनों का कहना है कि आरोपी पुलिसकर्मियों को जल्द गिरफ्तार कर उन्हें कड़ी सजा दी जाए।

पीड़ित परिवार को एसडीएम ने दी सहायता राशि
सरकार की तरफ से परिजनों को एससीएसटी एक्ट के तहत 2 लाख 81 हजार 250 रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है। शनिवार दोपहर गोहाना एसडीएम धर्मेंद्र सिंह व डीएसपी पीड़ित के घर पहुंचे और गोविंदा की मां संजीत को उक्त राशि का चेक दिया। एससीएसटी एक्ट के सदस्य मामले की जांच कर रहे हैं।

डीएसपी बोले, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैंगिंग से मौत
एसआईटी इंचार्ज अमित भाटिया ने बताया कि मामले की जांच शुक्रवार से ही शुरू कर दी थी। शिकायतकर्ताओं और गवाहों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। शव का पोस्टमार्टम बोर्ड द्वारा करवाया गया था, जिसकी रिपोर्ट के मुताबिक, युवक की मौत हैंगिंग से हुई है। इसके अलावा चोट भी पुरानी है। फिर भी गवाहों के बयान लिए जा रहे हैं। जो भी मामले में संलिप्त मिलेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जल्द ही जांच पूरी कर ली जाएगी।

यह है मामला
22 अक्टूबर की सुबह देवीनगर के एक मकान में गोविंदा (14) दलित किशोर का शव संदिग्ध हालात में मिला था। परिजनों ने साढ़े तीन घंटे तक गोहाना-जुलाना मार्ग और रोहतक-पानीपत रेलवे ट्रैक जाम कर दिया था। आरोप था कि पुलिस ने गोविंदा को चोरी के झूठे केस में फंसाया और बाद में थाने बुलाकर उसकी हत्या कर शव को उसी के ताऊ के घर में डालकर फरार हो गए थे। इस मामले में विपक्ष जहां खट्टर सरकार को घेर रहा है, वहीं सरकार मामले की पूरी जांच रिपोर्ट आने की बात कह रही है। पुलिस ने एएसआई सुभाष और एएसआई अशोक के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था। साथ में एससी-एसटी एक्ट भी लगाया गया है।
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