मुरथल अड्डा स्थित अरोड़ा नर्सिंग होम की संचालिका एमबीबीएस डाक्टर आशा अरोड़ा की अदालत ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस के बाद यह फैसला दिया। पुलिस के मुताबिक आरोपी पक्ष ने सवाल उठाया कि प्लानिंग के तहत महिला डॉक्टर को फंसाया गया है। उसने न तो अल्ट्रासाउंड किया और न ही लिंग जांच की। हेल्थ विभाग की ओर से डॉक्टर आदर्श शर्मा से जब वकीलों ने सवाल-जवाब किए तो उन्होंने कहा कि अगर महिला डॉक्टर दोषी नहीं हैं तो आखिर उन्होंने 10 हजार रुपये किस बात के लिए हैं। दोनों पक्षों की बहस के बाद कोर्ट ने महिला डॉक्टर की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। अब आरोपी पक्ष हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर कर सकता है।
एएसआई देवेंद्र सिंह ने बताया कि 30 दिसंबर को जींद के हेल्थ विभाग की टीम ने सोनीपत हेल्थ विभाग के डॉक्टरों के साथ मिलकर अरोड़ा नर्सिंग होम पर छापा मारा। डॉक्टर आदर्श शर्मा ने शिकायत दी है कि हेल्थ विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि अरोड़ा नर्सिंगहोम में लिंग जांच की जा रही है। इसके लिए टीम ने एक महिला को माध्यम बनाकर पूर्व हेल्थ वर्कर ऊषा से संपर्क किया। उसने फोन पर ही बताया कि वह लिंग जांच करा देगी। इसके लिए ऊषा महिला को लेकर अरोड़ा नर्सिंग होम पर पहुंची, जहां साढ़े 12 हजार रुपये में सौदा तय हुआ। योजना के तहत 10 हजार रुपये पहले दे दिए गए। बाकी राशि बाद में लेना तय हुआ। इशारा पाकर जींद और सोनीपत हेल्थ विभाग की टीम ने छापा मारा। न केवल नकदी बरामद की, बल्कि अल्ट्रासाउंड मशीन तक सील कर दी। साथ ही लंबी जद्दोजहद के बाद सिटी पुलिस ने महिला डॉक्टर और पूर्व हेल्थ वर्कर के खिलाफ पीएनडीटी और एमटीपी के तहत केस दर्ज कर लिया, लेकिन अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
महिला डाक्टर आशा अरोड़ा की अग्रिम जमानत खारिज हो चुकी है। पुलिस कई बार आरोपी के नर्सिंग होम व दूसरी जगह दबिश दे चुकी है, लेकिन आरोपी अभी फरार हैं।
-एएसआई देवेंद्र सिंह, जांच अधिकारी व प्रभारी ओल्ड सिटी पुलिस चौकी।