शहर से महज पांच किलोमीटर दूर छोटा सा गांव कामी। गाजियाबाद के हाई प्रोफाइल दीप्ति सरना अपहरण कांड से गांव में सन्नाटा पसरा है। क्योंकि गाजियाबाद पुलिस द्वारा गिरफ्तार केस के अहम अभियुक्त दीपक उर्फ लीलू, प्रदीप उर्फ फौजी और मोहित गांव के ही रहने वाले हैं। इतना ही नहीं, गांव के साथ नजदीकी रेलवे स्टेशन पर सांदल कलां पर भी खामोशी है। स्टेशन मास्टर से लेकर दूसरे कर्मचारी तक कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। गाजियाबाद पुलिस ने खुलासा किया है कि आरोपियों ने सांदल कलां रेलवे स्टेशन से ही दीप्ति सरना को नई दिल्ली जाने वाली पैसेंजर ट्रेन में बैठाया था, जो सुबह छह बजे पानीपत से चलकर स्टेशन पर पहुंचती है।
आठ गांवों का स्टेशन, कोई बोलने के लिए तैयार नहीं
सांदल कलां रेलवे स्टेशन पर खामोशी पसरी है। यहां आठ गांवों के ग्रामीण दिल्ली-पानीपत की ओर आने-जाने के लिए सफर करते हैं। प्रतिदिन सुबह छह बजे पानीपत से चलकर पैसेंजर गाड़ी 64464 स्टेशन पर पहुंचती है, यहां से सोनीपत होते हुए ट्रेन नई दिल्ली रवाना होती है। गाजियाबाद पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा है कि उन्होंने दीप्ति को इसी रेलवे स्टेशन के पास छोड़ा था। इसके बाद वह पैसेंजर गाड़ी में बैठकर नई दिल्ली के लिए रवाना हुई। बताया जाता है कि रात को गाजियाबाद पुलिस की टीम जब कामी गांव पहुंची तो स्टेशन पर जाकर भी जांच पड़ताल की, लेकिन स्टेशन मास्टर रामआसरे किसी भी तरह की जानकारी से इंकार कर रहे हैं।