थाना शहर पुलिस द्वारा शहर में शांति भंग करने के मामले में गिरफ्तार किए गए 10 पहलवानों को अदालत ने जमानत पर रिहा कर दिया है। अदालत ने पेशी की अगली तिथि 17 मार्च तय की है। जमानत पर रिहा होने के बाद पहलवानों ने पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया। आरोप है कि पुलिस ने उन्हें नाजायज तरीके से फंसाया है। उन पर लगे आरोप बेबुनियाद हैं। पहलवानों ने उचित कार्रवाई की मांग की है। पहलवान संदीप, राजबीर, सुमित, विनोद, विकास, दिनेश, सतीश, सतेंद्र और ओमवीर आदि ने बताया कि वीरवार को पुलिस उनके अखाड़े में आई और उन्हें अपने साथ ले गई। उनका कोई कसूर नहीं था। यहां तक की दो युवक तो अपने भाई का घी देने आए थे। पुलिस ने इन्हें भी गिरफ्तार कर लिया। इतना ही नहीं पुलिस की कई गाड़ियां होने के बावजूद उन्हें पहले गाड़ी में बैठाया फिर फौव्वारा चौक पर ले जाकर वहां से थाने पैदल ले गए। पुलिस ने उन पर जो आरोप लगाए हैं, वे बेबुनियाद हैं। मामले की उचित कार्रवाई हो।
क्या बोले थाना प्रभारी
थाना प्रभारी कुलदीप देशवाल ने बताया कि उन्हें पहलवानों के खिलाफ शिकायत मिली। जिस आधार पर कार्रवाई की गई। किसी को भी बेबुनियाद तरीके से नहीं फंसाया गया है। अपने आरोपों से बचने के लिए पहलवान ये आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर शहर में किसी को भी इनके खिलाफ शिकायत है तो वें थाना में आकर दर्ज करवा सकते हैं। शहर में किसी भी प्रकार अशांति नहीं फैलने दी जाएगी।