स्टेशन पर गुरुवार को बेटिकट यात्रियों के खिलाफ अभियान चलाया गया। दिल्ली मंडल के छापेमार दल ने रूट पर चलने वाली विभिन्न ट्रेनों में जांच की। इस दौरान 466 बेटिकट यात्री पकड़े गए, जिनसे करीब डेढ़ लाख रुपये जुर्माना वसूला गया। रेलगाड़ियों में बिना टिकट लिए यात्रा करने वाले लोगों पर अंकुश लगाने के लिए महकमे ने कमर कस ली है। एसीएम केएस मीणा की अगुवाई में 78 सदस्यीय छापामार दल प्रात: 7 बजे स्टेशन पर पहुंचा। करीब चार घंटे तक टिकट चेकिंग की कार्रवाई की गई। रेलवे की ओर से चलाए गए अभियान के दौरान कुछ बेटिकट यात्री कर्मचारियों के आगे हाथ जोड़ते रहे। भविष्य में टिकट सफर करने की कसमें खाते रहे। मगर टीम के सदस्यों ने उनकी गुहार को अनसुना कर दिया। मजिस्ट्रेट की चेकिंग से ट्रेनों में यात्री इधर, उधर भागते दिखे। लेकिन ने उनको भागने का मौका नहीं दिया।
मची रही अफरा तफरी
चेकिंग के दौरान रेलवे स्टेशन परिसर में अफरा तफरी को माहौल मचा रहा। कुछ यात्री टीम को देखकर स्टेशन के अंदर पड़ी बेंचों पर आराम से बैठ गए। मगर टीम ने सदस्यों ने उनको भांप लिया और उनकी चेकिंग की। टिकट नहीं दिखा पाने उन पर जुर्माना ठोका। आरपीएफ व आरपीएसएफ के जवानों ने पूरे परिसर की घेराबंदी कर दी। इससे स्टेशन पर अफरातफरी मची रही।
14 दिन बाद फिर हुई कार्रवाई
पिछली बार 15 अक्टूबर को जब स्टेशन पर छापामारी की गई तो टीम ने 438 बेटिकट यात्रियों को दबोचा था। इस कार्रवाई के बावजूद ऐसे यात्रियों की संख्या कम होने के बजाय बढ़ी है।
छावनी में तब्दील रहा स्टेशन
रेलवे की निरीक्षक टीम में कुल 78 सदस्य मौजूद थे। इनमें से 30 निरीक्षक थे जबकि भागने वालों को पकड़ने के लिए 48 आरपीएफ व आरपीएसएफ के जवान पूरी कार्रवाई के दौरान मुस्तैद रहे। सोनीपत रेलवे स्टेशन परिसर में सुबह 7 बजे से करीब 11 बजे तक कार्रवाई चली, इस दौरान टिकट निरीक्षक टीम ने गाड़ियों के अंदर भी यात्रियों के टिकटों की जांच की।
छापामारी की सूचना भी व्हाट्सएप पर भी हुई जारी
सोनीपत रेलवे स्टेशन पर छापामारी की सूचना भी लोगों के व्हाट्सएप पर भी वायरल हुई। करीब सात बजे पहली ट्रेन के यात्रियों की टिकटों की जांच हुई तो पीछे आने वाली ट्रेनों के यात्रियों को भी इसकी सूचना मिल गई। ऐसे में जिसको भी इसकी सूचना मिली, उन्होंने पहले ही बचने का इंतजाम कर लिया। बावजूद इसके 466 यात्री बेटिकट यात्रा करते पकड़े गए जिनसे 1 लाख 49 हजार 430 रूपये जुर्माने के तौर पर वसूले गए।