देवीनगर के गोविंदा कांड की सीबीआई से जांच की मांग मुखर हो गई है। गुरुवार को मृतक के घर के समीप चल रहे धरने पर विभिन्न संगठनों की बैठक में कहा गया कि पुलिस के खिलाफ पुलिस ही सही जांच कभी नहीं कर सकती। गोविंदा के परिजनों ने सीएम के प्रति अपनी तीखी नाराजगी जाहिर की। बड़े भाई गौतम ने कहा कि हमें न कोई पैसा चाहिए, न नौकरी। हमें तो केवल इंसाफ चाहिए। गौतम ने कहा मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर के गांव बनियानी में उसकी ननिहाल है। इससे परिवार को उम्मीद थी कि खट्टर रिश्ते के अपने भांजे की मौत पर संवेदना जाहिर करने गोहाना जरूर आएंगे, लेकिन मुख्यमंत्री ने आने की बजाय चंडीगढ़ में बैठे-बैठे मौत को आत्महत्या बताकर परिवार के कटे जख्मों पर ही नमक छिड़क डाला। इसके अलावा फूफा रामनिवास ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर खट्टर को एक बार खुद गोहाना आकर पूरी जानकारी हासिल करनी चाहिए। जिससे उन्हें पूरी घटना का पता चल जाएगा। बैठक में आंदोलन की उस रणनीति पर भी चर्चा हुई जो गोविंदा की तेरहवीं पर 1 नवंबर को घोषित की जानी है। बैठक में मृतक गोविंदा के फूफा रामनिवास और बड़े भाई गौतम भी शमिल हुए। बैठक में आए सब संगठनों ने राज्य सरकार से गोविन्दा की मौत का सच सामने लाने के लिए सीबीआई से जांच करवाने की मांग की। बैठक की अध्यक्षता आजाद हिंद देश भक्त मोर्चे के संरक्षक आजाद सिंह दांगी ने की तथा संयोजन हरियाणा धानक समाज के प्रदेश महासचिव रवि इंदौरा का रहा। इस मौके पर हरियाणा धानक समाज के नेता सतबीर सिंह, पवन कुमार, सतीश कुमार, आजाद हिंद देश भक्त मोर्चे के गोहाना खंड के अध्यक्ष राकेश बागड़ी, गोहाना सिटी इकाई के अध्यक्ष सुभाष वर्मा थे।