हाईवे और शहर में करीब 37 लाख की लूट कर पुलिस के लिए सिरदर्द बने लुटेरों की एक छोटी सी गलती उन पर भारी पड़ गई। जीटी रोड स्थित एक होटल में खाना खाने के दौरान खाने में लोहे की कील बताकर हंगामा कर दिया। बदमाशों की बदकिस्मती थी कि मौके पर ही आईजी हरदीप दून खाना खा रहे थे। उन्होंने बीच-बचाव किया तो बदमाश खुद को पुलिस वालों से अपनी जान-पहचान का बताने लगे। इसी बात पर बदमाश गच्चा खा गए और आईजी ने उन्हें मुरथल पुलिस के हवाले कर दिया।
आईजी हरदीप दून ने बताया कि करीब एक माह पहले जीटी रोड पर स्थित एक निजी होटल में शाम के समय वे खाना खा रहे थे। उसी दौरान चार युवक भी वहीं पर दूसरी तरफ खाना खा रहे थे। कुछ देर बाद एक युवक ने खाने में लोहे की कील बताकर होटल में हंगामा खड़ा कर दिया और चारों युवकों ने होटल के अंदर झगड़ा शुरू कर दिया। आईजी ने इन युवकों को रोकने की कोशिश की तो उन्हें भी पीछे हटने को कहा और पुलिस में अपनी जान-पहचान बताने लगे।
आईजी ने तुरंत चारों को पकड़कर मुरथल थाना पुलिस को बुलाया और चारों युवकों को पुलिस के हवाले किया। इसके बाद बदमाशों ने माफी मांगी तो पुलिस ने इन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया। लेकिन युवकों को संदिग्ध देखते हुए एसआईटी पुलिस को इनके पीछे लगा दिया और उसके बाद पुलिस ने इन बदमाशों को सबूत समेत गिरफ्तार कर लिया।
आईजी के निशाने पर पुलिसकर्मी भी
गिरफ्तार आरोपियों को जब आईजी हरदीप दून के सामने पेश किया गया तो गनमैन ने आईजी को बताया कि करीब एक माह पहले होटल में इन्हीं युवकों ने हंगामा खड़ा किया था। इसके बाद आईजी ने कहा कि जिस तरह से आरोपियों की गिरफ्तारी से बड़ी घटनाओं का खुलासा हुआ है और आरोपी पुलिस में अपनी जानपहचान बता रहे हैं, ऐसे में पुलिस कर्मियों की मिलीभगत की भी जांच की जाएगी।
लूट करने जा रहे थे, तीन बैंक थे निशाने पर
गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि बुधवार को वे कार में सवार होकर लूट की वारदात को अंजाम देने के लिए जा रहे थे। उन्होंने राई में स्थित यश बैंक, राठधना में स्थित ग्रामीण बैंक और बरोटा स्थित सिंडीकेट बैंक को अपना निशाना बनाना था।
हाईवे के पास है गांव, रखते थे पूरी जानकारी
गिरफ्तार तीनों आरोपी हाईवे के सबसे पास स्थित गांव खेवड़ा के रहने वाले हैं। स्थानीय होने के कारण कोई भी इन पर शक नहीं करता था। आरोपी लूट से पहले पूरी तरह रेकी करते थे और उसके बाद लूट की वारदात को अंजाम देते थे। स्थानीय सड़कों और रास्तों की पूरी जानकारी होने के कारण पुलिस की गिरफ्त से आराम से निकल जाते थे।
एक आईटीआई का छात्र तो दो ने 12वी के बाद छोड़ी पढ़ाई
आरोपी हरेंद्र आईटीआई का छात्र हैं। वहीं दीपक और मोहित 12वीं के बाद पढ़ाई छोड़ चुके हैं। इसके बाद तीनों टीम बनाकर लूट की घटनाओं को अंजाम देने की योजनाओं पर काम करते थे।