फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sonipat: पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना में डेढ़ करोड़ के गबन का आरोपी लेखाकार गिरफ्तार, STF ने की कार्रवाई

Tue, 11 Jul 2023 02:29 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)

सार

एसटीएफ सोनीपत की टीम ने जिला कल्याण अधिकारी कार्यालय के लेखाकार को पानीपत से पकड़ा है। आरोपी सुरेंद्र कुमार पानीपत के गांव सिवाह का रहने वाला है। आरोपी के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो करनाल, पंचकूला और रोहतक में चार मुकदमे दर्ज हैं।  
विज्ञापन
सोनीपत एसटीएफ की टीम द्वारा गिरफ्तार आरोपी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हरियाणा के एसटीएफ सोनीपत की टीम ने पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति स्कीम में डेढ़ करोड़ रुपये का घोटाला करने के आरोपी जिला कल्याण अधिकारी कार्यालय के लेखाकार को गिरफ्तार किया है। आरोपी की गिरफ्तारी पर करनाल एंटी करप्शन ब्यूरो ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। आरोपी पानीपत के गांव सिवाह का रहने वाला सुरेंद्र है। पुलिस उसे तीन साल से तलाश कर रही थी। उसे पानीपत से गिरफ्तार करने के बाद पानीपत एंटी करप्शन ब्यूरो को सौंप दिया गया।

विज्ञापन


डीएसपी एसटीएफ सोनीपत इंदीवर ने बताया कि वर्ष 2015 से 2019 तक पोस्ट मैट्रिक स्कीम के तहत अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को दी जाने वाली छात्रवृत्ति में गबन किया गया था। मामले में अधिकारियों व कर्मचारियों पर मिलीभगत करके छात्रों के खातों में जाने वाली राशि का आधार कार्ड नंबर बदलकर, फर्जी बैंक खाता खुलवा कर गबन करने का आरोप लगा था।

आरोप था कि अधिकारियों ने मिलीभगत कर अनुसूचित जाति के छात्रों के वीएलडीए और एमपीएचडब्ल्यू का डिप्लोमा फ्री में घर बैठे करवाने व छात्रवृत्ति दिलवाने का लालच देकर गबन को अंजाम दिया गया था। कुछ छात्रों व संस्थाओं के माध्यम से अलग-अलग गांवों से अनुसूचित जाति के छात्रों से फार्म भरवाकर उनके आधार कार्डों, मूल प्रमाणपत्र, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाणपत्र आदि की फोटो प्रतियां हासिल कर लीं गई थीं।
विज्ञापन


कुछ छात्रों के आधार नंबरों से छेड़छाड़ करके भी फर्जीवाड़े को अंजाम दिया गया। यह स्कीम भारत सरकार की तरफ से जुलाई 1981 में चलाई गई थी। इसके तहत दसवीं तक की कक्षाओं में पढ़ने वाले अनुसूचित जाति के छात्रों को 230 से 1200 रुपये प्रतिमाह तक छात्रवृत्ति तथा नॉन रिफंडेबल फीस दी जाती है।

पिछड़ा वर्ग के छात्रों को 160 से 750 रुपये तक प्रतिमाह छात्रवृत्ति और नॉन रिफंडेबल फीस दी जाती है और वर्ष 2017-18 से ट्यूशन फीस का 25 प्रतिशत या पांच हजार रुपये दिया जाता है। यह स्कीम 2015 से पहले मैनुअल चलाई जा रही थी, लेकिन 2015-16 में इसे ऑनलाइन कर दिया गया था।

इस मामले में डेढ़ करोड़ रुपये के गबन का आरोपी एवं 25 हजार का इनामी सुरेंद्र कुमार तीन साल से पुलिस की पकड़ से बाहर था। वह सोनीपत जिला समाज कल्याण विभाग में लेखाकार था। उसे एसटीएफ सोनीपत की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। उस पर करनाल एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने वर्ष 2020 में दर्ज मुकदमे में 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। उसे पानीपत से गिरफ्तार करने के बाद पानीपत एंटी करप्शन ब्यूरो को सौंप दिया गया है।

पानीपत व आसपास के क्षेत्र में छिपकर रहा था आरोपी
आरोपी ने गिरफ्तारी के बाद पुलिस को बताया कि वह पानीपत और आसपास के क्षेत्र में छिपकर रहता था। वह लगातार अपने ठिकाने बदलता रहता था, जिससे पुलिस की पकड़ में नहीं आ रहा था। अब एसटीएफ सोनीपत ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।

इन मामलों में नामजद है आरोपी सुरेंद्र
आरोपी सुरेंद्र के खिलाफ करप्शन ब्यूरो रोहतक में वर्ष 2019 में भादंसं की धारा 218, 409, 420, 466, 467, 468, 471, 120बी, 13(1)(सी), 13(1)(डी), 13(2) पीसी एक्ट और एंटी करप्शन ब्यूरो पंचकूला में वर्ष 2019 में भादंसं की धारा 218, 409, 420, 466, 467, 468, 471, 120बी, 13(1)(सी), 13(1)(डी), 13(2) पीसी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है। इसी प्रकार एंटी करप्शन ब्यूरो करनाल में वर्ष 2020 में मुकदमा नंबर चार व पांच दोनों भादंसं की धारा 218, 409, 420, 466, 467, 468, 471, 120बी, 13(1)(सी), 13(1)(डी), 13(2) पीसी एक्ट के तहत केस दर्ज है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें