अमर उजाला ब्यूरो
खरखौदा। एक्सटेंशन लेक्चरर की गोली मारकर हत्या करने के आरोपी छात्र ने पिस्टल को कॉलेज के बाहर ही ईंटों में छुपा दिया था। पुलिस से बचने के लिए आरोपी पहले बहादुरगढ़ और फिर रोहतक में पनाह लेने के लिए पहुंचा था। रोहतक में पुलिस ने उसे धर दबोचा। वीरवार को पुलिस ने अदालत में पेश कर एक दिन के रिमांड पर लिया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर कॉलेज के बाहर ही ईंटों के नीचे छिपाई गई पिस्टल को बरामद कर लिया है। वहीं पुलिस को मामले में रक्षा विज्ञान की लेक्चरर योगेश की संलिप्तता का अभी कोई सुराग नहीं लग सका है। लेक्चरर योगेश दूसरे दिन भी कॉलेज आई थी।
आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह कॉलेज से निकलने के बाद पिस्टल छिपाकर कुछ दूर तक पैदल ही भागा था। वहां से उसने फोर-व्हीलर में लिफ्ट ली और बहादुरगढ़ पहुंच गया। वहां से बस में सवार होकर पहले झज्जर, फिर रेवाड़ी और वहां से रोहतक आया था। रोहतक में उसे गिरफ्तार कर लिया गया था।
दूसरे दिन भी कॉलेज में पहुंची लेक्चरर
मामले में राजेश मलिक के साले सितेंद्र के बयान पर षड्यंत्र रचने की आरोपी लेक्चरर योगेश दूसरे दिन भी कॉलेज पहुंची। वह स्वयं को निर्दोष बता रही हैं। पुलिस भी अभी तक उनकी भूमिका को लेकर कोई सुराग नहीं जुटा सकी है।
पापा को गोली मारने वाले को पहचान लूंगी
राजेश मलिक की बेटी लक्षिका ने बताया कि वह अपने पापा को गोली मारने वाले युवक को पहचान लेगी। जब उसके पापा को गोली मारी गई वह उसी कमरे में थी। इसी दौरान हमलावर ने उसके पापा को गोली मारी तो वह नीचे गिर गए थे। जिसके बाद वह लड़का भाग गया था। इसी बीच भीड़ जुट गई और पापा को अस्पताल ले जाया गया।
आरोपी छात्र का पिता आया सामने
आरोपी जगमेल के पिता जोगेंद्र भी मामले को लेकर आए हैं। हालांकि उन्होंने सिर्फ इतना ही कहा कि वह खेती किसानी का काम करते है। उन्होंने अपने बेटे को अच्छे संस्कार दिए हैं। वह यकीन नहीं कर सकते कि उनका बेटा ऐसा कुछ कर सकता है।
ये था मामला
मूलरूप से गांव सरढाना फिलहाल सेक्टर-23 निवासी राजेश मलिक (45) राजकीय कॉलेज पिपली में एक्सटेंशन लेक्चरर के पद पर नियुक्त थे। मंगलवार सुबह वह अपने साले सितेंद्र व अपनी बेटी लक्षिका के साथ कॉलेज पहुंचे थे। लक्षिका को दिल्ली के रोहिणी में दवाई दिलाने ले जाना था। राजेश जब स्टेनो कार्यालय में हाजिरी लगाने गए तो वहां क्लर्क ज्योति पहले से मौजूद थी। इसी बीच बीए द्वितीय वर्ष के छात्र जगमाल उर्फ जगमेल ने वहां पहुंचकर राजेश मलिक पर ताबड़तोड़ चार गोलियां मारकर उनकी हत्या कर दी थी। ज्योति ने बाहर भागकर वारदात के बारे में सितेंद्र को बताया था। हमलावर वहां से भाग गया था। पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद मंगलवार रात को ही जगमेल के साथी रोहणा निवासी अमित व आकाश तथा उसके चाचा दिनेश को गिरफ्तार कर लिया था। दिनेश की लाइसेंसी पिस्टल से ही जगमेल ने घटना को अंजाम दिया था। सीआईए प्रभारी इंदीवर व एसआईटी खरखौदा प्रभारी अजय मलिक की टीम ने बुधवार को मुख्य आरोपी जगमेल को रोहतक बाइपास से गिरफ्तार कर लिया था। उसे वीरवार को अदालत में पेश कर एक दिन के रिमांड पर लिया गया है। आरोपी ने बताया था कि वह कॉलेज में क्लासरूम के अंदर लड़कियों से बातचीत करता था। जिस पर राजेश मलिक उसे डांटता था। उसकी एक सहपाठी व उसके परिजनों को राजेश मलिक ने उनके बातचीत करने के बारे में बता दिया था। क्लासरूम में सबके सामने डांटने से बेइज्जती मानते हुए उसने वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने वीरवार को आरोपी की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त पिस्टल को बरामद कर लिया है। आरोपी ने उसे कॉलेज के बाहर ही ईंटों में छिपा रखा था।
वर्जन
एक्सटेंशन लेक्चरर की हत्या के मुख्य आरोपी से पिस्टल बरामद कर ली है। उसे उसे राजकीय कॉलेज पिपली के बाहर ही ईंटों में छिपा दिया था। मामले में अभी तक आरोपी महिला लेक्चरर की भूमिका सामने नहीं आई है। हालांकि उनसे पूछताछ की जाएगी।
वजीर सिंह, थाना प्रभारी, खरखौदा।