पुलिस कर्मी के बेटे की हत्या का तीन साल बाद खुलासा, मुठभेड़ में एक बदमाश गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। गांव कुमासपुर के खेतों में सीआईए-2 स्टॉफ ने साथ मुठभेड़ के बाद 10 कुख्यात बदमाशों के साथ गिरफ्तार 50 हजार के इनामी दिल्ली के रोहतक रोड नांगलोई निवासी सुनील पूनिया ने तीन साल पहले किए ब्लाइंड मर्डर से पर्दा उठाया है। आरोपी ने रिमांड के दौरान बताया है कि उसने दिल्ली के मियांवाली थाना क्षेत्र में दिल्ली पुलिस के कर्मी के बेटे की गोली मारकर हत्या की थी। वारदात में उसके दो अन्य साथी भी शामिल थे। पुलिस अब उनका पता लगा रही है। दिल्ली में हुए मर्डर के बाद दिल्ली पुलिस के खिलाफ कई बार विरोध प्रदर्शन तक हुए थे।
विदित रहे सीआईए-2 ने दिवाली की रात गांव कुमासपुर के पास हुई मुठभेड़ में सुनील चून व कृष्ण उर्फ गाठा गिरोह के 11 बदमाशों को गिरफ्तार किया था। पकड़े गए बदमाशों में दिल्ली के रोहतक रोड स्थित नागलोई का रहने वाला सुनील पूनिया भी शामिल था। दिल्ली के रूहोला स्थित विकास नगर में हुई एक हत्या के मामले में सुनील पूनिया की गिरफ्तारी पर दिल्ली पुलिस ने 50 हजार रुपये का इनाम रखा था। वारदात के बाद से ही सुनील पूनिया फरार था। सोनीपत की सीआईए-2 के हत्थे चढ़े सुनील पूनिया ने रिमांड के दौरान एक और ब्लाइंड मर्डर से पर्दा उठाया है। उसने पुलिस पूछताछ में कबूल किया है कि उसने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर रुपये के लेन-देन के विवाद में दिल्ली के मियांवली निवासी दिल्ली पुलिस में कार्यरत जयकिशोर के बेटे मनोज भारद्वाज उर्फ सोनू पंडित की हत्या कर दी थी। उसने बताया है कि मियांवली थाना क्षेत्र के गांव सैयद के पास मनोज की गोली मारकर हत्या की गई थी। वह 7 दिसंबर, 2015 को सैयद गांव में आया था। वहां उसके कार से उतरते ही उसने अपने साथियों के साथ बाइक पर आकर उसे गोली मार दी थी। मनोज उर्फ सोनू पंडित की तीन गोलियां मारकर हत्या की गई थी। पुलिस अब उसके दो साथियों का पता लगाकर उन्हें गिरफ्तार करेगी।
मनोज उर्फ सोनू पंडित की हत्या के बाद कई बार हुए थे प्रदर्शन
दिल्ली के सैयद गांव के पास शाम को सरेराह हुई वारदात के बाद स्थानीय लोगों ने दिल्ली पुलिस के खिलाफ कई बाद विरोध प्रदर्शन किया था। घटना के बाद दो हमलावरों के चेहरे सीसीटीवी में भी दिख रहे थे। हालांकि वह पूरी तरह साफ नहीं थे। उसके बाद भी दिल्ली पुलिस वारदात से पर्दा नहीं उठा सकी थी। सीआईए-2 सोनीपत की टीम ने अब तीन साल बाद घटना से पर्दा उठाया है।
रामकरण गैंग से भी जुड़े बदमाशों के तार
पुलिस के हत्थे चढ़े कृष्ण उर्फ गाठा गिरोह के बदमाशों ने रिमांड में पुलिस को बताया है कि उन्हें कई हथियार रामकरण बैंयापुर ने मुहैया कराए थे। जिन्हें उन्होंने विभिन्न वारदातों में प्रयोग किया है। रामकरण बैंयापुर फिलहाल संदीप बड़वासनी व उसके दो साथियों के तिहरे हत्याकांड में सोनीपत जेल में बंद है। अब सीआईए-2 रामकरण को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर पूछताछ करेगी। ताकि मामले से जुड़े अन्य साक्ष्य जुटाए जा सकें।
वर्जन
कुमासपुर के पास मुठभेड़ में पकड़े गए बदमाश सुनील पूनिया ने दिल्ली के मियांवली थाना के गांव सैयद में पुलिस कर्मी के बेटे मनोज भारद्वाज उर्फ सोनू पंडित की हत्या की वारदात कबूल की है। उसने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। उसके साथियों के बारे में भी पुलिस पता लगाएगी। साथ ही रामकरण गैंग से गठजोड़ के पत्ते भी खंगाले जाएंगे।
अजय धनखड़, प्रभारी, सीआईए-2 सोनीपत।