सोनीपत। कैंसर पीड़िताओं का बीमा कराकर मौत के बाद में हादसा दिखाकर क्लेम लेने के मामले में पीड़ित महिला के पति को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी झज्जर के गांव बेरी का रहने वाला चांद है। वहीं एक दिन पहले पुलिस ने मामले में बारोटा चौकी के हवलदार अशोक को गिरफ्तार किया था। दोनों आरोपियों को तीन दिन के रिमांड पर लिया गया है। अब तक की जांच में सामने आया हैं कि हवलदार ने सेटिंग कर दो दर्जन से अधिक पोस्टमार्टम कराए हैं। जिन पुलिस कर्मियों से वह सेटिंग करता था उन्हें मृतक को अपना रिश्तेदार बता देता था।
एसटीएफ सोनीपत ईकाई ने 19 अप्रैल को एक गिरोह के पकड़े थे तीन गुर्गे
विदित रहे कि एसटीएफ की सोनीपत इकाई ने 19 अप्रैल को एक गिरोह के तीन गुर्गों को पकड़ा था। उन पर आरोप है कि वह कैंसर मरीजों की मौत के बाद उनके शव को दूसरी जगह ले जाकर गाड़ी से कुचल कर सड़क दुर्घटना का रूप देकर बीमा कंपनियों से मोटी रकम ऐंठते थे। गिरोह के सरगना गांव सेवली निवासी पवन, रिंढाना निवासी मोहित व गुमाना निवासी विकास से पूछताछ में कई तथ्य सामने आए थे। बाद में तीन आरोपियों बल्ला गांव के सुमित, प्रदीप व प्रमोद को पकड़ा था। रिमांड अवधि के दौरान उनसे 3.50 लाख रुपये और मामले से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए थे। बाद में एसटीएफ ले बारोटा चौकी में नियुक्त हवलदार अशोक को काबू किया था। उस पर आरोप है कि वह पुलिस कर्मियों से सेटिंग कर पोस्टमार्टम कराता था। साथ ही वह खुद भी कुछ मामलों में जांच अधिकारी रहा है। अब एसटीएफ की टीम ने मामले में एक अन्य आरोपी बेरी गांव निवासी चांद को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि चांद की पत्नी की वर्ष 2018 में कैंसर से मौत हो गई थी। जिसके बाद आरोपियों के संग मिलकर उसने हिसार में अपनी पत्नी की मौत हो हादसा दिखा दिया था। पुलिस ने आरोपी चांद और अशोक को अदालत में पेश कर तीन दिन के रिमांड पर लिया है।
कैंसर पीड़ित की मौत के बाद उसकी मौत को हादसा दिखाने वाले उसके पति को गिरफ्तार किया है। मामले में सेटिंग कराने वाले हवलदार को एक दिन पहले काबू किया था। दोनों को तीन दिन के रिमांड पर लिया है। मामले में गहनता से जांच जारी है। अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। -सतीश देशवाल, प्रभारी, एसटीएफ, सोनीपत इकाई।