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अतर सिंह हत्याकांड में पुलिस के हाथ खाली, हमलावरों तक नहीं पहुंच पा रही पुलिस

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अतर सिंह हत्याकांड में पांच दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली
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अमर उजाला ब्यूरो
खरखौदा। गांव बरोणा में रविवार सुबह कुख्यात बदमाश रवि उर्फ लांबा के पिता की गोली मारकर हत्या करने के मामले में पुलिस के हाथ अभी खाली हैं। पुलिस टीम अभी तक किसी आरोपी या षड्यंत्रकारी तक नहीं पहुंच सकी है। मुनिया गैंग पर हत्या का आरोप होने के बावजूद पुलिस उनकी लोकेशन का पता नहीं लगा पाई है। हालांकि पुलिस जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा कर रही है।
गांव बरोणा निवासी अतर सिंह (52) की रविवार सुबह गांव के बाहर तीन नकाबपोश बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना के समय वह पशुचारा काटने के बाद बाइक पर सवार होकर घर की तरफ आ रहे थे। अतर सिंह को चार गोली मारकर हत्या की गई थी। पुलिस ने उनके बेटे जोगेंद्र के बयान पर मुनिया गैंग पर हत्या व षड्यंत्र का मामला दर्ज किया था। जोगेंद्र ने गांव के ही मुनिया पर हत्या का षड्यंत्र रचकर उसके पिता की हत्या कराने का आरोप लगाया था। जोगेंद्र ने बताया था कि मुनिया के भाई दिनेश की हत्या हो चुकी है। जिसमें उसके भाई रवि उर्फ लांबा पर हत्या का षड्यंत्र रचने का आरोप लगा था। उसका भाई फरीदाबाद जेल में बंद है। मुनिया ने उसके पिता की हत्या करवाई है। वारदात के पांच दिन बाद भी पुलिस टीम अभी तक इस मामले में कोई सुराग तक नहीं ढूंढ पाई है। मुनिया नीरज बवाना गैंग का गुर्गा होने के चलते उस तक पहुंचना पुलिस के लिए टेढ़ी खीर बनता जा रहा है। दिल्ली के अपराध में नीरज बवाना बड़ा नाम है। मुनिया के नजदीकी विश्वासपात्रों में माना जाता है। पुलिस को उस तक या वारदात में शामिल अन्य तक पहुंचने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी।
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अतर सिंह हत्याकांड में हमलावरों का पता लगाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस षड्यंत्र के आरोपी मुनिया को पकड़ने की कोशिश में लगी है। जल्द ही आरोपी काबू कर लिए जाएंगे।
- अजय धनखड़, थाना प्रभारी, खरखौदा।
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