हरियाणा के सोनीपत में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरुचि अतरेजा सिंह की अदालत ने दुष्कर्म के मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी को दोषी करार दिया। अदालत ने दोषी को 20 साल कैद व 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी है। जुर्माना राशि पीड़िता को देने के आदेश दिए गए हैं। जुर्माना न देने पर एक साल अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
मूलरूप से यूपी निवासी व्यक्ति ने 30 जनवरी, 2021 को राई थाना पुलिस को बताया था कि वह राई क्षेत्र के गांव में किराए पर रहते हैं। उनकी 18 वर्षीय बेटी 29 जनवरी, 2021 को संदिग्ध अवस्था में लापता हो गई। उन्होंने तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ बंधक बनाकर रखने का मुकदमा दर्ज कर लिया था।
पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए 6 फरवरी, 2021 को लड़की को बरामद कर लिया। पुलिस जांच में लड़की की उम्र 17 साल पांच माह मिली। जिसके बाद मामले की जांच तत्कालीन एसआई बबली को सौंपी गई थी। उन्होंने किशोरी का मेडिकल कराने के साथ ही उसके कोर्ट में बयान दर्ज कराए थे।
कोर्ट में बयान दर्ज कराने के दौरान किशोरी ने उसके साथ दुष्कर्म किए जाने की बात कही थी। जिस पर मामले में भादंसं की धारा 376 व 6 पॉक्सो एक्ट जोड़ा गया था। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया था। बाद में मामले में एसआई बबली की टीम ने 16 फरवरी, 2021 को आरोपी चेतन उर्फ गोलू को गिरफ्तार कर लिया था।
वह मूलरूप से उत्तर प्रदेश के जिला बदायूं के गांव क्रियामी का रहने वाला था और घटना के समय दिल्ली के खिचड़ीपुर में रहता था। पुलिस ने आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी। तत्कालीन जांच अधिकारी बबली के सामने आरोपी ने किशोरी को उत्तराखंड के हरिद्वार में लेकर जाने की बात कुबूल की थी। वहां पर उसने किशोरी से दुष्कर्म किया था। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया था।
मामले की सुनवाई करते हुए एएसजे सुरुचि अतरेजा सिंह की अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया। अदालत ने दोषी को 6 पॉक्सो एक्ट में 20 साल की कैद व 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। साथ ही 346 में दो साल कैद की सजा सुनाई। जुर्माना राशि पीड़िता को देने के आदेश दिए गए हैं। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी। जुर्माना न देने पर एक साल अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।