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छात्रा की दुष्कर्म के बाद हत्या करने वाले को आखिरी सांस तक जेल, साजिश रचने में चार को सात-सात साल कैद की सजा

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छात्रा की दुष्कर्म के बाद हत्या करने वाले को आखिरी सांस तक जेल, साजिश रचने में चार को सात-सात साल कैद की सजा
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अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डा.सुनीता ग्रोवर की अदालत ने बरोदा थाना क्षेत्र के गांव से कॉलेज गई छात्रा का अपहरण कर होटल में ले जाकर दुष्कर्म करने व षड्यंत्र के तहत छात्रा की हत्या कर शव को खुर्द-बुर्द करने के ममले में आरोपी व उसकी मदद करने वालों को दोषी करार दिया है। अदालत ने मुख्य दोषी को दुष्कर्म व हत्या में आखिरी सांस तक जेल में रहने तथा होटल संचालक की पत्नी समेत चार को सात-सात साल कैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने मुख्य दोषी को 50 हजार रुपये जुर्माना तथा अन्य चार को 10-10 हजार रुपये जुर्माना किया है। मामले में आरोपी होटल संचालक की पहले ही मौत हो चुकी है।
बरोदा थाना के गांव निवासी एक व्यक्ति ने 13 नवंबर, 2016 को शिकायत देकर बताया था कि उसकी बेटी राजकीय कॉलेज गोहाना में बीएससी की छात्रा थी। वह 12 नवंबर को कॉलेज गई थी। कॉलेज के बाहर से गांव खानपुर कलां के विक्रम ने उसकी बेटी का अपहरण कर लिया था। वह छात्रा को शहर में मुगलपुरा रोड स्थित राधे-राधे रेस्टोरेंट ले गया था। वहां छात्रा से दुष्कर्म करके उसकी हत्या की गई और शव को खुर्द-बुर्द कर दिया। 13 नवंबर को छात्रा के पिता की शिकायत पर बरोदा थाना में अपहरण का मामला दर्ज हुआ। पुलिस ने विक्रम को पूछताछ के लिए बुलाया लेकिन उसे छोड़ दिया गया। परिजनों ने छात्रा की स्कूटी व मोबाइल फोन स्वयं बरामद किए थे। जब बरोदा थाना पुलिस ने उचित कार्रवाई नहीं की तो परिजन 20 नवंबर, 2016 को मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मिलने पहुंचे। इसके बाद मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई थी। एसआईटी ने 29 नवंबर, 2016 को रेस्टोरेंट संचालक की पत्नी गोहाना निवासी महक, कारिंदे गामड़ी निवासी विकास व बिजेंद्र को गिरफ्तार करके मामले का खुलासा किया था। बाद में मुख्य आरोपी विक्रम के पिता रोहतास, जीजा आशीष, रेस्टोरेंट संचालक राधेश्याम व कार मालिक सुरेश को भी गिरफ्तार किया था। इस मामले में लोगों ने अनेक बार आंदोलन किया। इसके बाद पुलिस ने विक्रम पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया। दो माह बाद विक्रम को तत्कालीन एसआईटी प्रभारी योगेंद्र की टीम ने काबू किया था। जिसने छात्रा की दुष्कर्म के बाद हत्या करने व जेएनएल नहर में फेंकने की बात कबूल की थी। छात्रा का शव बरामद नहीं किया जा सका।
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मंगलवार को मामले में सुनवाई करते हुए एएसजे डा. सुनीता ग्रोवर की अदालत ने पांच आरोपियों को दोषी करार दिया है। मामले में दोषी विक्रम को भादसं की धारा-302 में दोषी करार देते हुए उम्रकैद व 20 हजार रुपये जुर्माना, धारा-376ए में दोषी करार देते हुए आखिरी सांस तक जेल में रहने व 20 हजार रुपये जुर्माना, धारा 201, 120 बी में सात साल कैद व दस हजार रुपये जुर्माना किया है। रेस्टोरेंट मालिक की पत्नी महक, कारिंदे विकास, बिजेंद्र व कार मालिक सुरेश को धारा-201, 120 बी में दोषी करार देते हुए सात-सात साल कैद व दस-दस हजार रुपये का जुर्माना किया है। मामले में आरोपी रेस्टोरेंन्ट संचालक राधेश्याम की पहले ही मौत हो चुकी है।
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कई बार लोगों ने किया था आंदोलन
छात्रा के मामले में मुख्य आरोपी को पकड़ने की मांग को लेकर व छात्रा के शव को बरामद करने के लिए लोगों ने अनेक बार आंदोलन भी किया। एक बार जाम लगाया गया तो अनेक बार धरने दिए गए। आंदोलन को लेकर नरवाल खाप के अध्यक्ष भलेराम नरवाल की नेतृत्व में कमेटी गठित की गई। ग्रामीणों द्वारा आंदोलन करने पर बरोदा थाना के तत्कालीन एसएचओ भी निलंबित हुए।
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