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संशोधित--सोनीपत में 1000 लड़कों पर आज भी कम है 63 लड़कियां

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सोनीपत में 1000 लड़कों पर आज भी कम है 63 लड़कियां
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अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। जिले में आज भी 1000 लड़कों के मुकाबले 63 लड़कियां कम जन्म ले रही है और सरकार के काफी जद्दोजहद के बाद भी यहां का लिंगानुपात 937 ही पहुंचा है। यह जरूर है कि दूसरे प्रदेशों में रेड मारने के मामले और आधार पंजीकरण में जिला सबसे आगे है और दूसरे प्रदेशों में रेड करके 21 जगह भ्रूण लिंग जांच का भंडोफोड़ किया है। जिला प्रशासन जल्द ही लिंग जांच की सूचना देने वालों के लिए हेल्पलाइन शुरू करेगा।
डीसी केएम पांडुरंग ने शनिवार को लघु सचिवालय में पत्रकार वार्ता में बताया कि वर्ष 2014 में जिले का लिंगानुपात एक हजार लड़कों पर 830 था। वर्ष 2015 में 867, वर्ष 2016 में 902 और वर्ष 2017 में यह 937 हो गया। लेकिन इससे यह साफ हो जाता है कि आज भी जिले में एक हजार लड़कों के मुकाबले 63 लड़कियां कम जन्म ले रही है और इसे एक हजार से ज्यादा करने में काफी जद्दोजहद करनी पड़ेगी। डीसी ने बताया कि जिले में अब 100 प्रतिशत बच्चों का जन्म के समय ही आधार पंजीकरण किया जा रहा है।
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देश में सबसे ज्यादा 21 अंतरराज्यीय रेड सोनीपत की रही
डीसी केएम पांडुरंग ने बताया कि बेटियों की गर्भ में ही लिंग जांच करने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग ने लगातार कार्रवाई की। पड़ोसी राज्यों व जिलों के डीएम, सीएमओ व पीएनडीटी अधिकारियों के व्हाट्सएप ग्रुप तैयार किया गया। सभी से लगातार इस विषय पर संपर्क किया गया और सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की गई। इस कड़ी में नरेला, दिल्ली, बागपत, मेरठ, नोएडा, गाजियाबाद सहित कई जिलों में छापे मारकर भ्रूण लिंग जांच करने वालों को पकड़ा गया और ऐसे 21 मामले पकड़े गए है।
यूपी व दिल्ली के डॉक्टरों को प्रशिक्षण के लिए बुलाया गया
डीसी केएम पांडुरंग ने बताया कि दूसरे जिलों व प्रदेशों रेड मारने के तरीकों को जानने के लिए यूपी के हेल्थ विभाग व जिला प्रशासन ने भी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को प्रशिक्षण के लिए बुलाया था। इसके अलावा दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने यहां के जिला प्रशासन के साथ मीटिंग ली थी। इस दौरान दिल्ली के सीएम ने वहां पीएनडीटी अधिकारियों को भी रेड मारने की ट्रेनिंग देने के लिए कहा था।
राष्ट्रपति अवार्ड के लिए लिखेंगे पत्र
डीसी केएम पांडुरंग ने कहा कि पीएनडीटी के नोडल ऑफिसर डा. आदर्श शर्मा ने जिस तरह से अंतरराज्यीय रेड मारकर भ्रूण लिंग जांच का भंडोफोड़ किया है। उसको देखते हुए वह राष्ट्रपति अवार्ड के लिए पत्र लिखेंगे। वहीं लिंग जांच की सूचना देने वालों के लिए जिला प्रशासन जल्द ही हेल्पलाइन नंबर भी शुरू करेगा। इसके लिए अधिकारियों के साथ मिलकर विचार विमर्श किया गया।
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डेंगू इलाज मामले में सरकार को भेजेंगे रिपोर्ट
प्राइवेट हॉस्पिटल में डेंगू इलाज के दौरान ज्यादा वसूली करने के मामले में डीसी केएम पांडुरंग ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने जो जांच रिपोर्ट उन्हें मिली है उसमें प्राइवेट लैब की रिपोर्ट में शंका हैं। पैसे ज्यादा लेने के आरोप में शिकायतकर्ता जांच कमेटी को सभी कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका। वहीं हॉस्पिटल प्रबंधन ने सभी कागजात प्रस्तुत किए है। दो दिन पहले फिर उसी प्राइवेट हॉस्पिटल के खिलाफ उन्हें दूसरी शिकायत मिली है। उसकी जांच के लिए एसडीएम के नेतृत्व में कमेटी गठित कर दी है। जल्द ही जांच पूरी कर ली जाएगी।
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डिलीवरी के दौरान महिला की मौत के मामले में जांच सौंपी
सिविल सर्जन डा. जेएस पूनिया ने बताया कि पिछले सप्ताह मुरथल रोड की रहने वाले महिला की पीएचसी में डिलीवरी हुई थी। डिलीवरी के कुछ समय बाद परिजन अस्पताल के रजिस्टर पर खुद लेकर जाने की बात लिखकर ले गए। घर जाकर उसकी मौत हुई है। इस मामले में जांच उप सिविल सर्जन डा. जयकिशोर को सौंपी गई है।
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अवैध हॉर्डिंग के मामले में होगी एफआईआर
डीसी केएम पांडुरंग ने कहा कि पूरा शहर अवैध हॉर्डिंगों से भरा हुआ है। नगर निगम की ओर से 2 फरवरी को टेंडर लगाया जाएगा। वहीं अवैध हॉर्डिंगों को लेकर एफआईआर भी कराई जाएगी। इस संबंध में नगर निगम के अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए है।
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शूटिंग रेंज के लिए गन नहीं, उदघाटन कार्यक्रम अटका
डीसी केएम पांडुरंग ने कहा कि सुभाष स्टेडियम में शूटिंग रेंज का निर्माण पूरा हो चुका है। खेल विभाग के पास शूटिंग रेंज में प्रयोग होने वाली गन नहीं है। खेल विभाग के पास जल्द ही गन मंगवाई जाएगी। इसके लिए उदघाटन कार्यक्रम टाला गया है।
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एसटीपी निर्माण के बाद हुए गड्ढों पर होगी विभागीय कार्रवाई
ककरोई रोड पर एसटीपी निर्माण के बाद जगह-जत्नगह हुए गड्ढों को लेकर एडीसी आमना तस्नीम और नगर निगम आयुक्त डा. सुशील मलिक को जांच सौंपी गई है। इसके लिए पब्लिक हैल्थ के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए है। जल्द ही एक माह के अंदर एचएसआरडीसी के अधिकारियों को गड्ढों को भरने के निर्देश दिए गए है। उसके बाद विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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