सोनीपत। कैंसर मरीजों का बीमा करवाकर मौत के बाद उसे सड़क हादसा दिखाकर क्लेम हड़पने के मामले में सामान्य अस्पताल के एक चिकित्सक ने फिर से अग्रिम जमानत की याचिका लगाई है। जिस पर सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने फैसला वीरवार तक के लिए सुरक्षित रख लिया। वहीं एसटीएफ ने मामले में चुनाव के बाद फिर से आरोपियों की धरपकड़ तेज कर दी है। पुलिस मामले में मुख्य आरोपी व पुलिस कर्मी समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
विदित रहे कि एसटीएफ की सोनीपत इकाई ने 19 अप्रैल को एक गिरोह के तीन सदस्यों को पकड़ा था, जो कैंसर मरीजों की मौत के बाद उनके शव को दूसरी जगह ले जाकर गाड़ी से कुचल कर सड़क दुर्घटना का रूप दे देते थे। बाद में बीमा कंपनियों से मोटी रकम ऐंठते थे। गिरोह में गांव सेवली निवासी पवन, रिंढाना निवासी मोहित व गुमाना निवासी विकास की गिरफ्तारी से पूरे रैकेट का पर्दाफाश हुआ था। बाद में पुलिस ने सोनीपत सामान्य अस्पताल के कंप्यूटर ऑपरेटर प्रदीप व रोहतक पीजीआई के कर्मचारी प्रमोद, बरोटा चौकी के हवलदार अशोक व कैंसर पीड़ित महिला मरीज के पति चांद व पिता का इंश्योरेंस क्लेम लेने वाले सुमित को गिरफ्तार किया था। एसटीएफ टीम की ड्यूटी चुनाव में लगने के चलते इस मामले में गिरफ्तारी नहीं हो पा रही थी। चुनाव के बाद अब टीम ने फिर से मामले में संलिप्त अन्य लोगों की धरपकड़ के लिए शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
वहीं मामले में सोनीपत सामान्य अस्पताल के चिकित्सक ने दोबारा से कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी लगाई है। बुधवार को इस पर बहस के बाद न्यायाधीश ने फैसला वीरवार तक के लिए सुरक्षित रख लिया। चिकित्सक का नाम मामले में आरोपी सामान्य अस्पताल के कंप्यूटर आपरेटर ने लिया था। चिकित्सक ने इससे पहले भी अग्रिम जमानत के लिए याचिका लगाई थी। हालांकि सुनवाई से पहले ही उस समय उन्होंने अग्रिम जमानत की अर्जी वापस ले ली थी।
मामले में चिकित्सक का नाम सामने आने के बाद अब उसने अग्रिम जमानत को अर्जी लगाई है। जिस पर सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने वीरवार तक फैसला सुरक्षित रख लिया है। चिकित्सक पहले भी अग्रिम जमानत की याचिका लगाकर सुनवाई से पहले वापस ले चुका है।
-शमशेर सिंह, डीएसपी एसटीएफ