शराब कार्यालय में डकैती के आरोपी दिल्ली के दो बदमाशों समेत तीन गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। शहर के आईटीआई चौक के पास शराब ठेकेदार के कार्यालय में घुसकर कैशियर को गोली मारकर डकैती डालने के मामले में सीआईए ने दिल्ली के नजफगढ़ और ढिचाऊ कलां समेत तीन स्थानों के तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार बदमाशों में दिल्ली नजफगढ़ के धर्मपुरा का रहने वाला दिलशाद उर्फ मोनू, दिल्ली के ढिचाऊ कलां का रहने वाला गजेंद्र उर्फ टिनू व झज्जर के गांव भदाना का रहने वाला मोहित उर्फ अनुज उर्फ लंबू है। पुलिस ने दिलशाद को तमंचे सहित गिरफ्तार कर डकैती की वारदात से पर्दा उठाया। बाद में उसके दो साथियों को काबू किया गया। पुलिस मामले में सरगना व अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। तीनों आरोपियों को तीन दिन के रिमांड पर लिया गया है।
विदित रहे कि महमूदपुर के गांव अमित ने पुलिस को बताया था कि शराब के एल-1 ठेकेदारों ने आईटीआई चौक के पास अपना कार्यालय बना रखा है। वह वहां कैशियर है। 28 दिसंबर, 2018 की रात को दो कर्मी बोलेरो गाड़ी में कैश लेकर कार्यालय में पहुंचे थे। इसी दौरान छह बदमाश अंदर आ गए थे। उन्होंने बोलेरो गाड़ी पर दो फायर कर कैशियर अमित को कैश देने को कहा था। उसके कैश देने से मना करने पर बदमाशों ने उसके हाथ पर गोली मार दी थी। इसी बीच एक कर्मी ने कार्यालय का लोहे का दरवाजा बंद कर लिया था। जिससे बदमाश अंदर नहीं घुस सके थे। बदमाश अमित का दस हजार रुपये से भरा पर्स व मोबाइल फोन छीन ले गए थे। गनीमत रही थी कि बदमाश बोलेरो गाड़ी की सीट के पीछे छिपाकर रखे गए साढ़े पांच लाख रुपये व कार्यालय में रखे 45 लाख रुपये बच गए थे। डकैती की वारदात सीसीटीवी में कैद हो गई थी।
सीआईए-2 की टीम में नियुक्त मुख्य सिपाही हनीफ की टीम ने सोमवार को आउटर रोड सेक्टर-15 से संदिग्ध अवस्था में घूम रहे दिलशाद उर्फ मोनू को गिरफ्तार किया। जिसके पास से तमंचा व कारतूस बरामद किया। आरोपी से पूछताछ में एल-1 पर हुई डकैती के मामले से पर्दा उठ गया। उसने बताया कि उनके सरगना दिल्ली निवासी विकास उर्फ विक्की के साथ मिलकर उन्होंने एल-1 पर डकैती डाली थी। जिस पर पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर मोहित उर्फ अनुज उर्फ लंबू व गजेंद्र उर्फ टिनू को कुंडली बार्डर से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश कर तीन दिन के रिमांड पर लिया है।
विकास उर्फ विक्की ने कराई थी रेकी
आरोपियों ने बताया कि उनके गैंग के सरगना विकास उर्फ विक्की ने डकैती की रेकी कराई थी। उसने घटना के 15 दिन पहले उन्हें रेकी को भेजा था। उसके बाद लूट की वारदात को अंजाम दिया। विकास उर्फ विक्की पर मर्डर, लूट, डकैती के करीब 15 मामले दर्ज हैं। वहीं आरोपी दिलशाद, मोहित व गजेंद्र भी अलग-अलग 18 मामलों में शामिल रहे हैं। जिसमें हत्या प्रयास, लूट, डकैती व झपटमारी के मामले दर्ज हैं। दिलशाद नजफगढ़ थाने का हिस्ट्रीशीटर बदमाश है।
27 दिसंबर को दिल्ली में भी की थी लूट की तीन वारदात
गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि उन्होंने 27 दिसंबर को दिल्ली में लूट की तीन वारदात की थीं। जिसमें उन्होंने नांगलोई स्थित मेडिकल स्टोर से 50 हजार रुपये लूटे थे। बवाना स्थित मनी ट्रांसफर कार्यालय से 60 हजार रुपये लूटे थे और बाद में रोहिणी दिल्ली से होंडा सीआरवी गाड़ी लूटी थी।
पेट्रोल पंप पर डकैती की योजना थी
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने पहले ही योजना बना रखी थी। एल-1 पर डकैती के बाद आईटीआई के पास स्थित एक पेट्रोल पंप पर भी डकैती डालनी थी। जब वह पेट्रोल पंप पर गए तो वहां काफी भीड़ होने के चलते वह वारदात को अंजाम नहीं दे सके थे।