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दिल्ली के मंदिर में लेकर जाते थे दर्शन कराने, वहां 25 हजार में होती थी भ्रूण लिंग जांच

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दिल्ली के मंदिर में होती थी भ्रूण लिंग जांच, वसूलते थे 25 हजार
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अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत।
भ्रूण लिंग जांच करने वालों ने इसके लिए नए-नए ठिकाने बना लिए हैं। ठिकाने भी ऐसे कि किसी को शक भी न होने कि वहां पर भ्रूण लिंग जांच हो रही है। भ्रूण लिंग जांच कराने वाले एक गिरोह का सोनीपत की टीम ने भंडाफोड़ किया है। इस गिरोह में दिल्ली के एक डाक्टर के अलावा सोनीपत के मुखी अस्पताल की महिला कर्मी और एक अन्य बिचौलिया शामिल है। यह बिचौलिए 25 हजार रुपये में भ्रूण लिंग जांच कराते थे। गर्भवती को दिल्ली के विकासपुरी में एक मंदिर में लेकर जाते थे। वहां जांच कराकर भेज दिया जाता था। इससे हर किसी को यह लगता था कि वह मंदिर में भगवान के दर्शन करने जा रहे हैं और भ्रूण लिंग जांच करने वाले पकड़े नहीं जाते थे। वह रिपोर्ट एक दिन बाद मोबाइल पर फोन करके बताते थे। इस कारण ही रिपोर्ट बताने के बाद डिप्टी सिविल सर्जन ने सिटी थाने में तीन के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
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डिप्टी सीएमओ और पीएनडीटी के नोडल अधिकारी डॉ. आदर्श शर्मा को जानकारी मिली कि जिले की गर्भवती महिलाओं को बिचौलिए अपने साथ लेकर जाते हैं और उनके गर्भ की दिल्ली में भ्रूण लिंग जांच कराते हैं। इसके बाद एक डिकोय को तैयार किया गया और उसे एक अन्य महिला के सहारे मुखी अस्पताल में काम करने वाली महिला गीता से मिलाया गया। सोनीपत में गीता ही भ्रूण लिंग जांच कराने के लिए बिचौलिए का काम करती थी। उसके बाद दिल्ली के गुलाबी बाग में रहने वाले सुमेर से फोन पर बातचीत की गई। उसने 25 हजार रुपये में भ्रूण लिंग जांच कराना तय किया। उसके बताए अनुसार ही शनिवार को डिकोय महिला को साथ लेकर टीम की ओर से तैयार की गई एक अन्य महिला पीरागढ़ी चौक पर पहुंच गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम भी पुलिस को लेकर उनके पीछे चलने लगी। पीरागढ़ी पर सुमेर एक बाइक पर आया और डिकोय महिला और दूसरी महिला से 25 हजार रुपये लेकर अपने साथ दिल्ली के विकास पुरी में गया। वहां एक मंदिर में दोनों को लेकर गया, जहां डॉ. गजेंद्र ने कमरे में उनकी भ्रूण लिंग जांच की। डिकोय महिला के साथ भेजी गई। दूसरी महिला ने डॉक्टर से लड़का या लड़की के बारे में पूछा तो उसने कुछ नहीं बताया और सुमेर से बात करने के लिए कह दिया। उस समय सुमेर ने भी कुछ नहीं बताया और उसका मोबाइल बंद आने लगा। लेकिन, मुखी अस्पताल में काम करने वाली गीता का रविवार को डिकोय महिला के साथ टीम की ओर से भेजी गई महिला के मोबाइल पर फोन आया। गीता ने भ्रूण लिंग जांच की रिपोर्ट के बारे में उसे बताया। इसकी रिकार्डिंग भी स्वास्थ्य विभाग की टीम के पास है। इसके आधार पर डॉ. आदर्श शर्मा ने आरोपी महिला गीता, बिचौलिए सुमेर और डॉ. गजेंद्र के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
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