गन्नौर/गोहाना/खरखौदा (सोनीपत)। जिले में बारिश आंधी के बाद आग से किसानों पर आफत टूटी है। गन्नौर, गोहाना और खरखौदा क्षेत्र के गांवों में आग से 105 एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। वहीं 300 एकड़ से अधिक में फांस जलकर राख हो गए। गन्नौर के गांव भूर्री व कामी में आग बुझाने के दौरान तेज हवाओं के कारण फायर ब्रिगेड की गाड़ी में आग लग गई। बाद में सोनीपत और राई से फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मंगाकर आग पर बमुश्किल काबू पाया जा सका।
खरखौदा क्षेत्र के गांव खांडा व झरोठी के खेतों में अज्ञात कारणों से आग लग गई। गेहूं की फसल में आग लगी देख किसानों ने खुद ही आग पर काबू पाने का प्रयास किया। लेकिन जब आग तेजी से बढ़ने लगी तो फायर ब्रिगेड कर्मियों को सूचना दी। मौके पर पहुंचे फायर ब्रिगेड कर्मियों ने किसानों की मदद से आग पर काबू पाया। आग से खांडा निवासी दिलबाग के एक एकड़ गेहूं की फसल के साथ करीब 18 एकड़ फांस जल गए। जबकि झरोठी निवासी नंबरदार मदन की दो एकड़, अनिल, सतीश, आनंद, राहुल, रणधीर की एक-एक एकड़, कृष्ण की साढ़े तीन एकड़, बिजेंद्र की ढाई एकड़, लेखराम की आधा एकड़, कुलदीप की सवा एकड़, राजपाल की आधा एकड़, सुरेश की सवा एकड़ व सतपाल की आधा एकड़ के करीब गेहूं की फसल जल गई। इसी दौरान फिरोजपुर बांगर के खेतों में भी अज्ञात कारणों के चलते आग लग गई। जिसमें करीब पांच एकड़ गेहूं की फसल के साथ आधा एकड़ गन्ने की फसल और 45 एकड़ फांस भी जल गए। आग की सूचना मिलने के बाद पटवारी खेतों पर पहुंचे और आग से हुए नुकसान का मुआवजा देने के लिए गिरदावरी शुरू कर दी।
गन्नौर के भूर्री व कामी के खेतों में शनिवार को आग लगने की सूचना भूर्री निवासी रामपाल ने फायर बिग्रेड को दी। फायर ब्रिगेड कर्मचारी गाड़ी लेकर आग बुझाने पहुंचे। तेज हवा चलने के कारण आग की लपटें दमकल की गाड़ी की तरफ बढ़ गईं। चालक ने गाड़ी को चलाने का प्रयास किया तो गाड़ी की मुख्य शॉफ्ट टूट गई और गाड़ी वहीं खड़ी रही। गाड़ी से आग बुझाने के प्रयास में लगे कर्मियों ने गाड़ी से कूदकर जान बचाई और गाड़ी जल गई। गाड़ी के चालक दीपक ने पुलिस व फायर बिग्रेड के केंद्र पर घटना की सूचना दी। इसके बाद सोनीपत व राई से पहुंची तीन फायर बिग्रेड की गाड़ियों ने आग पर काबू पाया।
84 एकड़ में जली गांव बिचपड़ी और जागसी में गेहूं की फसल
बिचपड़ी के खेतों में शनिवार दोपहर गेहूं की फसल में आग लग गई। हवा के बहाव के साथ आग तेजी से फैल गई। आग साथ लगते गांव जागसी के किसानों के खेतों तक भी पहुंच गई। किसानों ने आग पर काबू पाने का प्रयास किया लेकिन तेज हवा चलने के कारण वे सफल नहीं हो सके। इसके बाद किसानों ने गोहाना फायर बिग्रेड केंद्र पर संपर्क करने का प्रयासय किया, लेकिन काफी समय तक संपर्क नहीं हो सका। लगभग दो घंटे बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ी के साथ टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया गया। आगजनी से किसान मन्नू की 20 एकड़, राजा की पांच एकड़, राजेश की आठ, राजा की पांच, महावीर की तीन, प्रकाश की पांच और अन्य किसानों की भी गेहूं की फसल जल गई।
गाड़ी में रखा हजारों रुपये का सामान भी जला
पुलिस को दी सूचना में चालक दीपक ने बताया कि आग लगने के कारण गाड़ी में रखे फायर उपकरण, रस्से, हौज पाईप, हौजरी आदि जल गए। आग लगने के कारण सुरेश, सतीश, सुमित, देवेंद्र, जयदीप, सुरेश, जगबीर, संतराम, भरतरी, शकुंतला, निर्मला, निशा, केला देवी सहित कई किसानों के खेतों में फांस जलकर राख हो गई।
अगर कटाई नहीं होती तो हो जाता लाखों का नुकसान
मुरथल ब्लाक समिति की चेयरपर्सन सीमा नैन व कामी के सरपंच वेदपाल ने बताया कि शनिवार को हवा इतनी तेज चल रही कि आग की लपटें बहुत तेज गति से गेहूं की फांस में बढ़ रही थीं। उन्होंने कहा कि अगर आसपास के खेतों में गेहूं की कटाई नहीं हो रखी होती तो किसानों की गेहूं की खड़ी फसल जल जाती।