नेशनल हाईवे पर निर्माणाधीन फ्लाईओवर के पास गड्ढे में गिरगर पलटी पंजाब रोडवेज की बस, 25 यात्री घायल
अमर उजाला ब्यूरो
गन्नौर/सोनीपत। नेशनल हाईवे 44 पर बड़ी गांव के पंजाब रोडवेज की वोल्वो बस अचानक अनियंत्रित होकर निर्माणाधीन फ्लाईओवर के पास गड्ढे में गिरकर पलट गई। जिससे बस के चालक व परिचालक समेत 25 यात्री घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही गन्नौर पुलिस तुरंत ही एम्बुलेंस को लेकर मौके पर पहुंच गए और राहगीरों की मदद से सभी घायलों का सोनीपत व गन्नौर के निजी अस्पताल में उपचार करवाया। उसके बाद क्रेन की मदद से बस को बाहर निकलवाया। वहीं घायल उपचार कराने के बाद अन्य वाहनों में सवार होकर दिल्ली चले गए, जबकि चालक व परिचालक का सोनीपत में उपचार चल रहा है।
पंजाब रोडवेज की वोल्वो बस को चालक कुलबीर व परिचालक मंदिर वीरवार दोपहर को चंडीगढ़ से दिल्ली लेकर चले थे। गन्नौर जीटी रोड के समीप एक ढाबे पर बस रुकने के बाद यात्रियों ने खाना खाया और उसके बाद बस दिल्ली के लिए रवाना हो गई। बस बड़ी गांव के समीप निर्माणाधीन फ्लाईओवर के पास पहुंची तो उसका नियंत्रण बिगड़ गया। जिससे बस फ्लाईओवर के लिए खोदे गए लगभग दस फुट गहरे गड्ढे में जा गिरकर पलट गई। जिससे बस में चालक व परिचालक समेत लगभग 25 यात्री घायल हो गए, जिनमें से अधिकतर को मामूली चोट आई। इसका पता चलते ही जीटी रोड चौकी इंचार्ज व गन्नौर थाने से पुलिस तुरंत वहां पहुंची और घायलों को गन्नौर व सोनीपत के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जिनमें से अधिकतर अपना उपचार कराने के बाद दिल्ली के लिए चले गए।
क्रेन व दो जेसीबी की मदद से बस को निकलवाया बाहर
वहां मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी कुलदीप ने बस को एक क्रेन व दो जेसीबी को बाहर निकलवाने के लिए बुलवाया। जिसके बाद कड़ी मशक्त से बस को सीधा किया गया तो बस के अंदर घुसकर यात्रियों की तलाश की। बस के अंदर कोई यात्री नही मिला तो पुलिस ने राहत की सांस ली
एनएचएआई की लापरवाही से बढ़ रहे हादसे
बड़ी के ग्रामीणों ने बताया फ्लाईओवर के निर्माण के कारण हाईवे तंग हो गया है, जिससे हादसे हो रहे है। फ्लाईओवर का निर्माण करीब डेढ़ साल से चल रहा है, लेकिन उसे अब तक पूरा नही किया गया। जिस कारण हादसे हो रहे है। बैरियर भी मजबूत नही लगाए गए है।
बड़ी के पास फ्लाईओवर के किनारे एक बस गड्ढे में गिरकर पलट गई। पुलिस ने राहगीरों व ग्रामीणों की मदद से सभी घायल यात्रियों को उपचार के लिए अस्पताल में भिजवाया। जिनका उपचार हो गया है और उनमें से अधिकतर रवाना हो गए है।
- कुलदीप, एसएचओ गन्नौर