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पुलिस पर हमला करने वाले यूपी के दो बदमाशों को सात-सात साल कैद

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अमर उजाला ब्यूरो
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सोनीपत।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश शर्मा की अदालत ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार उत्तर प्रदेश के दो बदमाशों को पुलिस टीम पर हमला करने का दोषी पाया है। अदालत ने दोनों को सात-सात साल कैद व पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर एक साल अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी। दोनों बदमाश शहर के सेक्टर-7 स्थित एक बंद पड़ी कोठी में छिपे हुए थे। उनकी गिरफ्तारी पर यूपी पुलिस ने 50-50 हजार रुपये का ईनाम घोषित कर रखा था।
डीएसपी राहुल देव ने 1 अक्टूबर 2016 को सदर थाना पुलिस को बताया था कि उनके नेतृत्व में एसआईटी प्रभारी संदीप धनखड़ 30 सितंबर 2016 की रात को गश्त कर रहे थे। इसी दौरान सूचना मिली थी कि शहर के सेक्टर-7 स्थित देवीलाल पार्क के पीछे एक गैर आबाद कोठी में अवैध हथियारों के साथ कुछ बदमाश छिपे हुए हैं। जिस पर उनके साथ टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कोठी को चारों ओर से घेर लिया था।
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पुलिस ने बदमाशों को आत्मसमर्पण करने को कहा था तो उन्होंने पुलिस पर फायरिंग कर दी थी। जिस पर पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग करते हुए कोठी के अंदर से दो बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया था। आरोपियों ने अपनी पहचान मेरठ के गांव रोहटा निवासी अमित उर्फ मोनू व बागपत के गांव टीकरी निवासी नितिन राठी के रूप में दी थी। इनकी गिरफ्तारी पर यूपी पुलिस ने 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।
पुलिस ने अमित उर्फ मोनू के कब्जे से दो पिस्तौल व 12 कारतूस तथा तीन खोल और नितिन के कब्जे से दो पिस्तौल, 10 कारतूस व दो खोल बरामद किए थे। आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में पांच हत्या करना स्वीकार किया था। जिसमें 8 सितंबर को मेरठ के गांव रोहटा में आपसी रंजिश के चलते शीशपाल व उसकी पत्नी सन्तोष की खेतों में गोली मारकर हत्या करना, 12 सितंबर, 2016 को बागपत के गांव टीकरी के बाजार में सरेआम विवेक की गोली माणकर हत्या करना, 22 सितंबर, 2016 को गांव रोहटा में सट्टेबाज सुरेश को उसी के घर में ही गोली मारकर हत्या करना, 24 सितंबर, 2016 को गांव टीकरी में लाल बहादुर की गोली मारकर हत्या करना स्वीकार किया था।
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उनकी गिरफ्तारी को यूपी पुलिस ने एक कंपनी भी तैनात की थी। सोनीपत में आरोपियों के खिलाफ पुलिस पर जानलेवा हमला करने, सरकारी काम में बाधा पहुंचाने का मामला दर्ज किया गया था। वीरवार को मामले की सुनवाई करते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश शर्मा की अदालत ने दोनों दोषियों को सात-सात कैद की सजा सुनाई है। दोनों पर पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना भी किया गया है।
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