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युवती को सहमति संबंध में रखा, बच्चा होने पर की हत्या, दोषी युवक और दो साथियों को उम्रकैद

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सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. प्रमिंद्र कौर की अदालत ने युवती को बहकाकर ले जाने के बाद उसे पत्नी की तरह रखने और बच्चा होने पर उसकी हत्या के मामले में युवक व उसके दो साथियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने युवक व उसके दोनों साथियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही उन पर 30-30 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना न देने पर एक साल अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
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क्या है पूरा मामला
विदित रहे कि क्षेत्र की गांव निवासी एक महिल ने 22 अक्तूबर, 2017 को थाना कुंडली पुलिस को बताया था कि गांव बख्तावरपुर का रहने वाला धीरज उसकी बेटी को वर्ष 2010 में बहकाकर ले गया था। वह उसे गांव बख्तावरपुर में रखने लगा था। जहां उसकी बेटी ने एक लड़के को जन्म दिया था। बाद में वर्ष 2011 में उसकी बेटी और उसका बच्चा अचानक गायब हो गए थे। जब उसने धीरज से उनके बारे में पूछा तो वह अक्सर धमकी देकर उन्हें चुप करा देता था। धीरज का साथी गांव चौलका निवासी मनीष भी उसे धमकी देकर धीरज से दूर रहने को कहता था। महिला ने पुलिस को बताया था कि उसे शक है उसकी बेटी और उसके बच्चे को धीरज व उसके साथी ने मार दिया है। महिला की शिकायत पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया था।
पुलिस ने मामले में 23 अक्तूबर, 2017 को आरोपी मनीष व उसके एक दिन बाद आरोपी धीरज को गिरफ्तार किया था। इस दौरान पूछताछ में आरोपियों ने बताया था कि उन्होंने युवती की गला दबाकर हत्या करने के बाद महलाना व ककरोई नहर के बीच जला दिया था। आरोपियों ने उस स्थान की निशानदेही कराई थी। दोनों आरोपियों ने बताया था कि उन्होंने नवंबर, 2011 में उसकी बेटी की हत्या की थी। धीरज ने हत्या का कारण युवती के चरित्र पर संदेह बताया था। बाद में पुलिस ने उनके तीसरे साथी खरखौदा की संत नगर कॉलोनी के प्रवीण को भी गिरफ्तार कर लिया था। बाद में पता लगा था कि उन्होंने बच्चे को बागडू गांव में लावारिस छोड़ दिया था। जहां से बालग्राम राई भेजा गया था। वहां से गुजरात के किसी दंपती को गोद दिया गया था। शनिवार को एएसजे डॉ. प्रमिंद्र की अदालत ने धीरज, मनीष व प्रवीण को दोषी करार दिया है। तीनों को भादसं की धारा 302 में उम्रकैद व 15-15 हजार रुपये जुर्माना तथा 201 में तीन-तीन साल कैद व 15-15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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