सोनीपत/गन्नौर/राई/कुंडली। जिले में शुक्रवार को आग का तांडव मचा रहा। आग ने तीन फैक्टरियों और एक शिक्षण संस्थान को अपनी चपेट में ले लिया। गन्नौर के चिरस्मी रोड स्थित डीआईटीएम शिक्षण संस्थान में शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लग गई। फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। शिक्षण संस्थान में अवकाश होने से बड़ा हादसा टल गया। हालांकि आगजनी के दौरान करीब 100 विद्यार्थी और 60 स्टाफ कर्मी और परीक्षा पर्यवेक्षक मौजूद थे। जिन्हें तुरंत बाहर निकाला गया। वहीं राई औद्योगिक क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण बनाने वाली कंपनी, कुंडली में फोम के गद्दे बनाने की फैक्टरी व सैदपुर की प्लाईवुड फैक्टरी में भी आग लग गई। जिससे करोड़ों का नुकसान होने की संभावना है। गद्दा फैक्टरी में रात नौ बजे आग पर काबू पाया जा सका था।
डीआईटीएम में लगी भीषण आग : गन्नौर के चिरस्मी रोड स्थित डीआईटीएम इंजीनियरिंग कॉलेज में सेमिनार हॉल और कंप्यूटर लैब में आग लग गई। आग लगने का कारण शार्ट-सर्किट बताया जा रहा है। कंप्यूटर लैब से धुआं उठता देख कॉलेज स्टाफ ने शोर मचाकर सभी को अवगत कराया। हालांकि तब तक आग भीषण रुप धारण कर चुकी थी। आग की सूचना के बाद गन्नौर और समालखा से फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियां मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
शिक्षण संस्थान में रखे फायर सिलिंडर मिले एक्सपायरी डेट : कॉलेज निदेशक अर्चना कुमार ने बताया कि आग से कंप्यूटर लैब में रखे करीब 500 कंप्यूटर, एलईडी, यूपीएस, हजारों कुर्सी, 25 एसी और पंखे समेत अन्य कीमती सामान जल गया। इससे कॉलेज को भारी नुकसान हुआ है। बिल्डिंग भी क्षतिग्रस्त हो गई। आगजनी पर काबू पाने के लिए कर्मियों ने अपने स्तर पर प्रयास किया था, लेकिन काबू नहीं पा सके। शिक्षण संस्थान में रखे कई फायर सिलिंडर एक्सपायरी डेट के मिले। जिससे आग पर काबू नहीं पाया जा सका।
छुट्टी के चलते बड़ा हादसा टला : इंजीनियरिंग कॉलेज में आगजनी के दौरान कॉलेज में अवकाश था। वरना बड़ा हादसा हो सकता था। जिस बी-ब्लॉक में आग लगी थी उसमें सेमिनार हाल व लैब थी। उस बिल्डिंग के दूसरी साइड में विद्यार्थियों का प्रेक्टिकल चल रहा था। साथ ही आगजनी के दौरान ज्यादातर बच्चे प्रेक्टिकल देकर जा चुके थे। कॉलेज में करीब 100 विद्यार्थी, 50 स्टाफ कर्मी व 10 परीक्षा पर्यवेक्षक थे। छुट्टी नहीं होती तो बड़ा हादसा होने से कोई नहीं रोक सकता था।
इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण बनाने वाली कंपनी में लगी आग : राई औद्योगिक क्षेत्र स्थित 1485 नंबर इलेक्ट्रॉनिक्स फैक्टरी में अज्ञात कारणों के चलते आग लग गई। कायनोटेक इंडस्ट्रीज लिमिटेड फैक्टरी में शुक्रवार तड़के करीब चार बजे आग लग गई। मामले से मालिक दिल्ली निवासी सुनील ग्रोवर व फायर ब्रिगेड को अवगत कराया गया। मौके पर राई, कुंडली, सोनीपत, सेक्टर-7 गन्नौर और पानीपत से आई अग्निशमन की 14 गाड़ियों ने छह घंटे में आग पर काबू पाया। आग से फैक्टरी मालिक को करोड़ों का नुकसान हुआ है। फैक्टरी कर्मियों का आरोप है कि तड़के चार बजे सूचना के बाद भी फायर ब्रिगेड की गाड़ियां करीब पांच बजे पहुंच सकी। उद्योगपति महेंद्र गोयल, भूपेंद्र चौधरी, राकेश, परमहंस सोलंकी, अरविंद मनचंदा ने बताया कि बार-बार मांग के बाद भी राई व कुंडली में फायर स्टेशन की सुविधा नहीं मिल सकी है। जिससे उनका नुकसान कई गुणा बढ़ जाता है।
चौकीदार की सतर्कता से बची सो रहे कर्मियों की जान : रात को फैक्टरी बंद होने के बाद अंदर ही तीन कर्मचारी अंकित, सूरज और संतोष सो रहे थे। चौकीदार विनोद ने आग लगी देखी तो उसने तुरंत अंदर सो रहे कर्मचारियों को जगाकर उनको बाहर निकाला। जिसके कुछ देर बाद ही आग की लपटों ने फैक्टरी को अपनी चपेट में ले लिया था।
प्लाईवुड फैक्टरी में आग के कारणों का नहीं चला पता : खरखौदा के सैदपुर से रामपुर मोड़ स्थित अमित डांसी फीड प्लाइवुड फैक्टरी में आग लग गई। फैक्टरी के चैंबर में शुक्रवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे अज्ञात कारणों से आग लग गई। इस दौरान मौके पर काम कर रहे दर्जनों कर्मचारियों ने जब चैंबर में आग लगी देखी तो तत्परता दिखाते हुए फैक्टरी में मौजूद अग्निशमन यंत्रों व पानी की सहायता से आग पर काबू पाया। सूचना पाकर सैदपुर चौकी प्रभारी संजय कुमार भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि फैक्टरी के कर्मचारियों ने ही आग पर काबू कर लिया था। हालांकि फैक्टरी में काफी नुकसान हुआ है।
गद्दा फैक्टरी में भीषण आग, आसमान में छाया काले धुएं का गुब्बार : कुंडली औद्योगिक क्षेत्र स्थित फोम के गद्दे बनाने की फैक्टरी में शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे आग लग गई। फैक्टरी में आग पर काबू पाने के लिए सोनीपत, कुंडली, पानीपत व नरेला से आई 18 फायर ब्रिगेड की गाड़ियां लगी थी। रात को नौ बजे आग पर काबू पाया जा सका। आग लगने के कारणों का पता नहीं लग सका है। फोम में आग लगने से कंपनी मालिक को करोड़ों का नुकसान हुआ है। आग पर काबू पाने में दिल्ली से मंगाई गई फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने काफी मदद की, जिससे सात घंटे में काबू पाया जा सका।
धुएं के गुबार से लोगों को सांस लेने में हुई दिक्कत : फोम की फैक्टरी में लगी आग से आसपास के क्षेत्र में धुआं फैल गया। जिससे लोगों को सांस लेने में भी दिक्कत होने लगी थी। लोग मुंह पर कपड़ा बांधकर घूमते दिखाई दिए। लोगों को सांस लेेने में काफी तकलीफ हो रही थी। जिससे चलते आसपास की कंपनियों में भी शाम को समय से पहले ही छुट्टी कर दी गई।
सरकार कुंडली में फायर स्टेशन स्थापित करे। नहीं तो कुंडली औद्योगिक क्षेत्र को ही बंद कर दे। लगातार कंपनी मालिकों को करोड़ों का नुकसान हो रहा है। उसके बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। सरकार जल्द नहीं चेती तो इसे लेकर आंदोलन चलाया जाएगा। - सुभाष गुप्ता, प्रधान, कुंडली औद्योगिक एसोसिएशन।