गोहाना। गांव भैंसवाल कलां में सरपंच के चुनाव को लेकर दो पक्षों के बीच शुरू हुआ विवाद खूनी खेल में बदल चुका है। दोनों पक्षों से एक के बाद एक सात लोगों की हत्या हो चुकी है। एक पक्ष से चार तो दूसरे पक्ष के तीन युवकों की जान चुकी है।
गांव भैंसवाल कलां में जनवरी, 2016 में सरपंची के चुनाव को लेकर दोनों पक्षों में झगड़ा हो गया था। बलबीर का बेटा प्रवीण व दूसरे पक्ष का कृष्ण चुनाव में अलग-अलग प्रत्याशियों के पक्ष में खड़े थे। इसी दौरान कृष्ण व प्रवीण में झगड़ा हो गया था। जिसके बाद दोनों पक्षों में कहासुनी होने लगी थी। अक्सर गांव में दोनों पक्ष आमने-सामने हो जाते थे। इस मामले ने तब रंजिश का रूप ले लिया जब 20 अप्रैल, 2017 को प्रवीण की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। उसे 12 गोली मारी गई थीं। हत्या का आरोप कृष्ण के बेटे व अन्य परिजनों और साथियों पर लगा था। जिसमें कृष्ण का बेटा गिरफ्तार भी किया गया था। बाद में वह जमानत पर आ गया था।
अप्रैल में कृष्ण पक्ष के तीन युवकों की हुई हत्या
प्रवीण की हत्या के मामले में कृष्ण के बेटे प्रदीप पर भी आरोप लगा था। इस वर्ष अप्रैल माह में प्रदीप के साथ उनके परिवार का ही रवि व अक्षय गांव से हरिद्वार घुमने के लिए स्कार्पियो गाड़ी में सवार होकर गए थे। तीनों मुजफ्फरनगर के गांव बुआड़ा कलां के समीप 17 अप्रैल को नहर के अंदर गाड़ी में मृत मिले थे। पुलिस जांच में तीनों की हत्या का खुलासा हुआ था। मृतकों में प्रदीप व रवि दोनों पर प्रवीन हत्याकांड में नामजद हुए थे और जमानत पर थे। बाद में तीनों की हत्या के आरोप में बलबीर के बेटे जितेंद्र उर्फ सीटू व परिवार के सतपाल सिंह व हरिओम को गिरफ्तार किया गया था। वह तीनों जेल में हैं।
चार जून को हुई बलबीर की हत्या
चार जून की रात को प्रवीण के पिता बलबीर की हत्या कर गई थी। उसे हमलावरों ने घर से बाहर निकालकर गोली मारी थी। जिससे दोनों परिवारों की रंजिश में लगातार बढ़ोतरी ही होती चली गई। अब बलबीर के भाई होशियार व उसकी भाभी की हत्या कर गई है। परिजनों का कहना था कि पुलिस ने बलबीर की पत्नी को पुलिस सुरक्षा मुहैया करा रखी है। वरना हमलावर उस पर भी हमला कर सकते थे।
होशियार का छोटा बेटा गया था रोहतक
होशियार सिंह का बड़ा बेटा सतपाल जहां मुजफ्फरनगर में हुए तिहरे हत्याकांड में जेल है वहीं छोटा बेटा मोनू रोहतक गया हुआ था। होशियार के भाई के मुताबिक बदमाश यह कहते हुए घर से गए हैं कि मोनू मिलता तो उसे भी मौत के घाट उतार देते।
अब पुलिस ने गांव को छावनी बनाया
भैंसवाल कलां में चार दिन में तीन हत्याओं के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल हैं। ग्रामीण दोनों पक्षों की तरफ से लगातार हो रहे वारदातों को लेकर कुछ भी बोलने से डर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों ने गांव में अब सुरक्षा बढ़ा दी है। गांव में फिलहाल 40 जवानों को तैनात किया गया है।
चौकी बनाने की होगी सिफारिश
डीएसपी हंसराज ने बताया कि वह उच्च अधिकारियों से बातचीत कर गांव भैंसवाल में चौकी बनवाने की सिफारिश करेंगे। तब तक गांव में थाने की गाड़ी व पीसीआर लगातार गश्त करती रहेंगी। सुरक्षा के लिए पुलिस कर्मियों को लगा दिया गया है।
कॉल डिटेल निकाल रही पुलिस
चार दिन में तीन मर्डर होने के बाद पुलिस ने अपनी कार्रवाई को तेज कर दिया है। डीएसपी हंसराज ने बताया कि सीआईए की सोनीपत की दोनों टीमों के साथ गोहाना सीआईए को भी लगाया गया है। टीम लगातार आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है। इसके साथ ही कॉल डिटेल निकाली जा रही है, जिससे आरोपियों को पकड़ा जा सके।
मां के गिड़गिड़ाने पर भी कर दी कटवाल के सुरेंद्र की हत्या
गांव कटवाल के सुरेंद्र की हत्या भी रंजिश में की गई। परिजनों का आरोप है कि सुमित के साथ सुरेंद्र की दो साल पहले कहासुनी हो गई थी। उसी कहासुनी में तीन माह पहले दोनों में झगड़ा हो गया था। जिसमें बाद में पंचायती तौर पर समझौता भी हो गया था। उसके बावजूद सुमित ने अपने साथियों के साथ मिलकर सुरेंद्र की गोलियां मारकर हत्या कर दी। बदमाश सुरेंद्र के घर में दीवार फांदकर घुसे थे। बाद में अंदर सुरेंद्र की चार गोली मारकर हत्या कर दी। बताया गया है कि सुरेंद्र की हत्या करने के घुसे हमलावरों को देखकर उनकी मां ने उनके सामने बेटे की जिंदगी बख्शने की गुहार लगाई थी। उसके बावजूद हमलावर उसकी हत्या कर फरार हो गए।