मुरथल (सोनीपत)। सुखदेव ढाबे पर आटा गुथने की मशीन की चपेट में आने से कर्मी की मौत के मामले में सुखदेव ढाबा मालिक, मुरथल थाना के तत्कालीन प्रभारी इंस्पेक्टर रामबीर व जांच अधिकारी एएसआइ संजय के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। कर्मी की मौत अप्रैल 2017 में होने के बाद परिजनों ने मानवाधिकार आयोग में शिकायत की थी। जिसमें स्टेट क्राइम ब्रांच से जांच कराई गई थी। जिसमें स्टेट क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर ने गैर इरादतन हत्या व सबूत मिटाने का मुकदमा दर्ज कराया गया है। इस मामले की मुरथल थाना पुलिस जांच कर रही है।
मुरथल में सुखदेव ढाबे पर काम करने वाले बिहार व उस समय सोनीपत निवासी भूपेंद्र (24) की 30 अप्रैल 2017 को आटा गुथने की मशीन में आने पर मौत हो गई थी। उस समय मुरथल थाना पुलिस ने 174 के तहत कार्रवाई करते हुए मामले को खत्म कर दिया था। जिसमें बाद में मृतक के परिजनों ने मानवाधिकार आयोग को मामले की शिकायत की थी। जिस पर मानवाधिकार आयोग ने स्टेट क्राइम ब्रांच से जांच कराई। स्टेट क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर विजय कुमार ने जांच के बाद अब सुखदेव ढाबा के मालिक, मुरथल थाना के तत्कालीन एसएचओ इंस्पेक्टर रामबीर व जांच अधिकारी रहे एएसआई संजय के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। सुखदेव ढाबे के मालिक को गैर इरादतन हत्या तो इंस्पेक्टर व एएसआई को षड्यंत्र रचकर सबूत मिटाने का आरोपी माना गया है। मुरथल थाना पुलिस ने तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
ढाबा के मालिक ने दबवा दिया था मौत का मामला
सुखदेव ढाबे पर काम करते समय भूपेंद्र की मौत के बाद मुरथल थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सुपुर्द कर दिया। जिसके बाद ढाबे के मालिक ने पुलिस के साथ मिलकर मामले को दबवा दिया था। ढाबा मालिक, इंस्पेक्टर व एएसआई ने मिलकर षड्यंत्र रचा और कर्मी की मौत के सबूत भी मिटा दिए। लेकिन यह मामला मानवाधिकार आयोग में पहुंचा तो स्टेट क्राइम ब्रांच की जांच के बाद सबकुछ खुलकर सामने आया।
स्टेट क्राइम ब्रांच की ओर से शिकायत दी गई थी। जिस पर मामला दर्ज कर लिया गया है। जल्द ही आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सुमित कुमार, एसएचओ मुरथल।