सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. डीएन भारद्वाज की अदालत ने मादक पदार्थ तस्करी के मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी को दोषी करार दिया है। दोषी को दो साल सश्रम कारावास व दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। जुर्माना न देेने पर तीन माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
विदित रहे कि एसआईटी खरखौदा में नियुक्त तत्कालीन एएसआई राजकुमार ने 27 अप्रैल, 2017 को पुलिस को बताया था कि उनकी टीम खरखौदा-दिल्ली मार्ग पर गश्त कर रही थी। जब वह नहर पुल के पास पहुंचे तो इसी दौरान सूचना मिली थी कि एक युवक मादक पदार्थ लेकर गुजरने वाला है। टीम ने तुरंत नाकाबंदी कर दी थी। इसी बीच एक संदिग्ध गांव पिपली की तरफ से आता दिखाई दिया था। पुलिस को देखकर वह वापस जाने लगा। जिस पर शक के आधार पर उसे रोककर जब उसकी तलाशी ली तो उसके पास से 350 ग्राम चरस बरामद हुई थी। युवक ने अपनी पहचान जींद के गांव तलौडा निवासी पाला के रूप में दी थी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था।
अब मामले की सुनवाई करते हुए न्यायाधीश डॉ.डीएन भारद्वाज की अदालत ने उसे दोषी करार दिया है। उसे दो वर्ष सश्रम कारावास व 10 हजार रुपये का जुर्माना देेने की सजा सुनाई है।