अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत।
सिटी थाना क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी की वारदात से आखिर पुलिस ने पर्दा उठा दिया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को काबू किया है। गिरफ्तार आरोपी जीजा-साले हैं। उनकी गिरफ्तारी से पुलिस ने सात वारदातों से पर्दा उठने का दावा किया है। आरोपी बंद पड़े घरों को निशाना बनाकर करीब 20 लाख रुपये के आभूषण व नकदी चोरी कर चुके थे। पुलिस ने आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
सिटी थाना क्षेत्र में लाइनपार एक के बाद एक लगातार चोरी की वारदात सामने आईं। पुलिस ने जब बारीकी से जांच की तो सामने आया कि चोर बंद घरों को ही निशाना बना रहे हैं। चोरों को पकड़ने के लिए पुलिस ने जाल बिछाना शुरू कर दिया और बंद घरों के आसपास चौकसी बढ़ा दी। इसके बाद तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी गांव उद्देशीपुर निवासी दीपक व जयदीप तथा दीपक का साला पानीपत के गांव माच्छरौली का रहने वाला रामनिवास उर्फ नान्हा है। पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया है, जिससे चोरी गई नकदी व आभूषण बरामद हो सके।
ये वारदात की कबूल
-5 मई की रात को शास्त्री कॉलोनी निवासी समुंद्र के घर को निशाना बनाकर 76 हजार की नकदी सहित करीब दो लाख का माल उड़ाया।
-10 जून को इंडियन कॉलोनी निवासी लोकेश के घर से 40 हजार की नकदी सहित करीब एक लाख का माल उड़ाया।
-10 जून को मयूर विहार निवासी रामकर्ण के घर से 45 हजार की नकदी सहित सहित तीन लाख का माल उड़ाया।
-21 जून को अशोक विहार की कांता के घर से 11 हजार की नकदी सहित करीब एक लाख का सामान ले गए।
-23 जून को मयूर विहार निवासी सुनीता के घर से 3.70 लाख की नकदी सहित करीब सात लाख का सामान चोरी किया।
-26 जून शास्त्री कॉलोनी की राजबाला के घर से 20 हजार की नकदी सहित करीब डेढ़ लाख का सामान चोरी किया।
-27 जून को इंडियन कॉलोनी के सुशील के घर से 80 हजार सहित करीब ढाई लाख का सामान चोरी किया।
बंद मकानों को बनाते थे निशाना
वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपी बंद घरों को ही निशाना बनाते थे। वारदात का शिकार हुआ समुंद्र का परिवार दिल्ली गया था। कांता रिश्तेदारी में पुरखास गई थी। लोकेश और रामकर्ण का परिवार हरिद्वार गया था। सुनीता सास के पास पीजीआई, रोहतक गई थी। वहीं सुशील परिवार के साथ नजफगढ़ गया हुआ था।
तीन बार करते थे रैकी
आरोपी कोई भी वारदात अंजाम देने से पहले तीन बार रैकी करते थे। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि शाम सात से आठ बजे के बीच किसी कॉलोनी में पहुंचकर देखते थे कि कौन सा मकान बंद है। बाद में करीब 10 बजे दोबारा आकर देखते थे कि कोई आया है या नहीं। उसके बाद रात 12 से दो बजे के बीच चोरी की वारदात को अंजाम देते थे।
कमरा किराए पर लेकर करते ऐश
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने गांव भिगान में कमरा किराए पर ले रखा था। तीनों ने कमरे में चोरी की महंगी एलईडी लगा रखी थी। उच्च क्वालिटी का सामान रखा था। पुलिस को आसपास के लोगों ने बताया कि तीनों आरोपी पूरे ऐशो-आराम से वहां रहते थे।
वर्जन
चोरी के तीन आरोपियों की गिरफ्तारी से सात वारदात सुलझी हैं। पुलिस ने आरोपियों को रिमांड पर लेकर उनसे चोरी की गई नकदी और आभूषण बरामद करने का प्रयास शुरू कर दिया है।
- एसआई रविंद्र कुमार, चौकी प्रभारी कोर्ट कांप्लेक्स
जीजा-साले ने बनाया चोरों का गैंग, 20 लाख के जेवर व नकदी उड़ाई
पुलिस ने तीन को गिरफ्तार कर चोरी की सात घटनाओं का किया खुलासा
रैकी कर बंद मकानों को बनाते निशाना, किराए के कमरे में करते थे ऐश