अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुनीता ग्रोवर की अदालत ने नाबालिग को बहला फुसलाकर भगाने के बाद दुष्कर्म करने के आरोपी को दोषी करार दिया है। दोषी को अदालत ने 10 साल कैद व 18 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर 10 माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
सदर थाना क्षेत्र के गांव के रहने वाले एक व्यक्ति ने 1 जून, 2016 को शिकायत दी थी कि उनके पड़ोस का रहने वाला दीपक उसकी 15 साल की बेटी को शादी के लिए बहला फुसलाकर भगा ले गया था। पुलिस ने पिता के बयान पर केस दर्ज कर लिया था। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने लड़की को बरामद कर लिया था। उसका मेडिकल परीक्षण कराने पर उसके साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई थी। जिस पर पुलिस ने दुष्कर्म की धारा भी जोड़ दी थी। बाद में एएसआई मुनेश ने आरोपी दीपक को भी 18 जून को काबू कर लिया था। मामले में सुनवाई करते हुए शुक्रवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुनीता ग्रोवर की अदालत ने दीपक को दोषी करार दिया है। उसे दुष्कर्म के मामले में 10 साल कैद व 10 हजार रुपये जुर्माना, बहला फुसलाकर भगाने में 5 साल कैद व 5000 हजार रुपये जुर्माना तथा धमकी देने के मामले में तीन साल कैद व तीन हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। सभी सजा एक साथ चलेंगी। जुर्माना न देने पर दस माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।