पशुपालन विभाग के अफसरों पर महिलाओं के यौन शोषण का आरोप लगा सीएम व पुलिस को भेजी चिट्ठी, हड़कंप मचा
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। सोनीपत का पशुपालन विभाग कार्यालय फिर से चर्चा में आया हुआ है। एक महिला के नाम से सीएम व एसपी कार्यालय में चिट्ठी भेजकर डेरी योजना में आवेदन करने वाली महिलाओं का यौन शोषण करने का गंभीर आरोप लगाया है। चिट्ठी मिलने की बात उजागर होने से विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है। हालांकि चिट्ठी में महिला का महज नाम ही होने से पुलिस की जांच आगे नहीं बढ़ पा रही है। पशुपालन विभाग से योजना के लिए नामित व लाभ उठाने वाली महिलाओं का रिकार्ड मांगा गया है। जिसके बाद पुलिस की जांच में तेजी आने की बात कही जा रही है।
एसपी कार्यालय के साथ ही सीएम को पत्र भेजकर पशुपालन विभाग में गड़बड़ी व यौन शोषण किए जाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। एक महिला के हस्ताक्षर युक्त पत्र में आरोप लगाया गया है कि डेरी योजना में आवेदन करने वाली महिलाओं का यौन शोषण किया जाता है। उसके बाद ही डेरी योजना का लाभ दिया जाता है। साथ ही आरोप लगाया है कि कार्यालय में शराब तक पी जाती है। इतना ही नहीं भ्रष्टाचार में संलिप्तता का भी आरोप है। पत्र में विभाग के बड़े अधिकारियों के नाम लिखकर उन पर आरोप लगाया गया है। महिला ने एसपी व सीएम से मामले की जांच कराने की मांग की है। जिससे पूरे मामले से पर्दा उठाया जा सके।
डेरी योजना का लाभ लेने वालों में महिला के नाम की जांच
जिस महिला के नाम से पशुपालन विभाग के अधिकारियों पर आरोप लगाकर चिट्ठी भेजी गई है, उस महिला का पता व अन्य जानकारी जुटाने के लिए डेरी योजना के लाभार्थियों का ब्यौरा विभाग से पुलिस ने मांगा है। यह चिट्ठी पुलिस को मिले हुए लगभग चार दिन हो चुके है, लेकिन पुलिस को अभी तक रिकार्ड नहीं मिल सका है। वह रिकार्ड मिलने पर अगर डेरी योजना के लाभार्थियों में चिट्ठी भेजने वाली महिला का नाम मिलता है तो उससे मिलकर पुलिस पूछताछ कर सकती है।
अंग्रेजी में लिखा है पत्र, हिंदी में किए हस्ताक्षर
जिस पत्र में पशुपालन विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं वह अंग्रेजी में टाइप किया गया है। आरोप लगाने वाली महिला ने टूटी-फूटी हिंदी में पत्र पर हस्ताक्षर कर रखें हैं। पत्र में महिला के नाम से महज हस्ताक्षर ही हैं। उसमें किसी तरह का पता व फोन नंबर नहीं दिया गया है। जिसकी मदद से पुलिस महिला का पता लगाकर जांच को आगे बढ़ा सके।
एसीएस पीके महापात्रा कर चुके है रेड
एसीएस पीके महापात्रा भी डीडीएएच में रेड कर चुके हैं। उन्होंने 26 नवंबर, 2017 को रेड की थी। बताया गया है कि उन्होंने इस दौरान कई आपत्तिजनक चीज मिली थी। कई अधिकारियों के भ्रष्टाचार में संलिप्त होने के आरोप भी लगे थे। इस मामले में एसडीएम जांच करके अपनी रिपोर्ट शासन को भेज चुके है, जिसमें डीसी की ओर से कई अधिकारियों पर कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
महिला चिकित्सक दर्ज करा चुकी है मामला
पशुपालन विभाग में नियुक्त महिला चिकित्सक डॉ. रितु भी अधिकारियों पर मामला दर्ज करा चुकी है। उन्होंने एक फरवरी को केस दर्ज कराया था। जिसमें बताया था कि वह 24 नवंबर की शाम को कार्यालय के बाहर से गुजर रही थी तो कार्यालय खुला मिला था। उसने देखा कि कुछ स्टाफ कर्मी व बाहर के लोग वहां मौजूद थे। इसके दो दिन बाद एसीएस पीके महापात्रा ने विभाग के कार्यालय में रेड मारी थी, जहां से आपत्तिजनक चीजे मिली थी। इस पर उन अधिकारियों ने डॉक्टर पर रेड डलवाने का शक जताते हुए उसे जान से मारने की धमकी दी गई थी। जिस पर पुलिस ने विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. बीएस रांगी, एसडीओ डॉ. एचबी दलाल, पशु चिकित्सक डॉ. जितेंद्र, डॉ. श्रीभगवान, डॉ. जोंगेद्र गहलावत, डॉ. संजय, डॉ. कप्तान, डॉ. राज सिंह, प्रदीप कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
विभाग को बदनाम करने की साजिश
किसी महिला के नाम से इस तरह पत्र लिखना सिर्फ विभाग को बदनाम करने की साजिश है। पत्र में महिला ने सिर्फ एक नाम लिखा है। उसमें कोई पता या फोन नंबर तक नहीं है। अगर कोई गड़बड़ी है महिला सामने आकर पुलिस को बताए। विभाग में सभी कार्य नियमों के अनुसार होते हैं। बेबुनियाद आरोप लगाना गलत है।
-डॉ. बीएस रांगी, डिप्टी डायरेक्टर पशुपालन विभाग।
वर्जन
एसएसपी के नाम पत्र भेजकर पशुपालन विभाग के अधिकारियों पर आरोप लगाया गया है। इस तरह के आरोपों की पहले भी जांच कराई जा चुकी है। अब फिर से जांच की जा रही है। महिला के बारे में पता लगाने के लिए विभाग से रिकार्ड मांगा गया है। जल्द पूरे मामले से पर्दा उठाया जाएगा।
-राजपाल सिंह, थाना प्रभारी सिटी सोनीपत।