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यूपी से क्रिकेट खेलता था अमित, गेंद छोड़कर थाम लिया हथियार

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यूपी से क्रिकेट खेलता था अमित, गेंद छोड़कर थाम लिया हथियार
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अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। एसटीएफ के हत्थे चढ़ा बदमाश अमित उर्फ छोटू क्रिकेट का अच्छा खिलाड़ी था। वह यूपी से क्रिकेट खेलता था। वह वर्ष 2005 में यूपी की अंडर-19 क्रिकेट टीम से कूच विहार ट्राफी में गेंदबाज था। हालांकि बाद में उसने गेंद छोड़कर हथियार थाम लिए थे। बदमाशों के संपर्क में आकर रुपये कमाने की चाहत में हथियार थामकर वह अपराध की दुनिया में उतर गया। हरियाणा व यूपी के कई गिरोह से जुड़ने के बाद वह लगातार कई साल तक अपराध करता रहा।
एसटीएफ इंस्पेक्टर सतीश देशवाल ने बताया कि बदमाश अमित उर्फ छोटू से पूछताछ में सामने आया है कि अपराध जगत में आने से पहले वह 2005 में उत्तर प्रदेश की ओर से कूच विहार ट्राफी में भी बतौर गेंदबाज खेल चुका है। वह यूपी की अंडर-19 क्रिकेट टीम से कूच विहार ट्राफी में गेंदबाज था। हालांकि पैसे कमाने की चाहत ने उसे अपराध की दुनिया में पहुंचा दिया। जहां से वह यूपी के साथ ही हरियाणा के गैंग के संपर्क में भी आ गया। छाज्जू गैंग के संपर्क में आने के बाद उसने रोहतक के गांव कारौर में छाज्जू गैंग के सदस्यों के साथ मिलकर अनिल छिप्पी गैंग के सदस्य धज्जा को उसी के घर में घुस कर मौत के घाट उतारा था।
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70 साल के बुुजुर्ग की कर दी थी हत्या
छाज्जू गैंग का शार्प शूटर अमित उर्फ छोटू ने मई 2010 में कारौर गांव में छाज्जू गैंग के अपने साथियों के साथ मिलकर अनिल छिप्पी गैंग के 70 वर्षीय बुजुर्ग की गोली मार कर हत्या की थी। मामले में कारौर के पूर्व सरपंच जयभगवान, उसके भाइयों व परिवार की महिलाओं सहित कुल 23 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। वारदात के बाद अमित उर्फ छोटू भूमिगत हो गया था। बाद में पुलिस ने कई अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। मामले में कई दोषियों को सजा भी हो चुकी है।
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मुठभेड़ में भी बच निकाला था अमित
नवंबर 2011 में रोहतक के राजमार्ग पर स्थित चुलियाना मोड़ के पास फौजी ढाबा संचालक गांव कारौर निवासी कृष्ण की हत्या की वारदात में संलिप्त बदमाशों की तलाश में जुटी पुलिस को अमित के छिपे होने की सूचना मिली थी। रोहतक पुलिस ने बदमाशों के ठिकाने पर पहुंच उन्हें सरेंडर को कहा तो बदमाश फायरिंग करने लगे थे। जवाबी फायरिंग में अमित के गांव का ही उसका साथी विकास उर्फ विक्की मारा गया था। अमित व अन्य बदमाश भाग निकले थे।
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