एक वर्ष पुराने दुष्कर्म के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गगनगीत कौर की अदालत ने आरोपी युवक को दोषी करार दिया है। दोषी को दस वर्ष कैद की सजा सुनाते हुए 36 हजार रुपये का जुर्माना भी किया गया है। जुर्माना न भरने की स्थिति में तीन वर्ष अतिरिक्त कैद की सजा सुनाई जाएगी। \
7 सितंबर 2014 को एक किशोरी ने महिला थाना पुलिस को शिकायत दी थी। इसमें उसने बताया कि वह राजकीय स्कूल में दसवीं कक्षा में पढ़ती है। प्रेम नगर निवासी सुनील उनके पड़ोस में रह रही अपनी बहन के घर आता था। वह मोबाइल की दुकान में काम करता है। उसकी भांजी जो उसके स्कूल में ही पढ़ती थी, वह उसे अपने मामा से बात करने के लिए लगातार बाध्य करती थी।
उसने बताया था कि तीन सितंबर को वह घर से स्कूल के लिए गई थी। इसी दौरान स्कूल के बाहर से सुनील उसे अपनी भांजी से मिलाने के लिए अपने साथी के साथ बाइक पर ले गया था। दोनों उसे एक मकान पर ले गए और उसकी स्कूल ड्रेस की जगह उसका दूसरा सूट उसे पहना दिया।
वहां से वह उसे पानीपत बस स्टैंड और बाद में अपने मामा के घर गांव बरसत ले गया था। बरसत में आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया था। वहां से एक अन्य साथी के घर ले जाकर उससे दो दिन तक दुष्कर्म करता रहा था। बाद में वह उसे कुरुक्षेत्र ले गए। वहां से वह उससे बचकर अंबाला की ट्रेन में सवार हो गई थी। इसके बाद ही वह मामले की जानकारी अपने परिजनों को दे पाई थी। तब वे पुलिस के पास पहुंचे।
पुलिस ने युवती की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर, आरोपी को काबू कर लिया था। इस मामले में मदद के आरोप में एक अन्य को भी गिरफ्तार किया गया था। सुनवाई के दौरान अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गगनगीत कौर की अदालत ने सुनील को दोषी करार दिया है।