बरोदा थाने की बुटाना चौकी पर तैनात सिपाही रविंद्र के साथ ही एसपीओ कप्तान की शराब पीने व आवारागर्दी करने से रोकने पर हत्या की गई है। गश्त करते हुए दोनों हरियाली सेंटर के पास पहुंचे तो वहां कार खड़ी करके चारों आरोपी शराब पीते हुए मिले तो उनके साथ उस समय दो युवतियां भी मौजूद थी जो गोहाना क्षेत्र की रहने वाली है। सिपाही व एसपीओ ने उनको चौकी चलने को कहा तो उनके बीच काफी देर तक खींचतान होती रही।
उसके बाद तीन आरोपियों ने सिपाही व एसपीओ को पकड़ा तो एनकाउंटर में मारे गए अमित ने उनपर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए। पुलिस एनकाउंटर में मारे गए मुख्य आरोपी अमित पर हत्या के प्रयास समेत छह मुकदमे दर्ज है तो दूसरे पकड़े गए आरोपी पर एक मुकदमा है। जिसे पुलिस ने कोर्ट में पेश करके सात दिन की रिमांड पर लिया है। वहीं पुलिस ने घटना में प्रयुक्त गाड़ी को बरामद कर लिया है और सिपाही के गायब मोबाइल को बरामद करने का प्रयास किया जा रहा है।
एसपी जश्नदीप सिंह रंधावा ने बताया कि बुटाना चौकी पर तैनात जींद जिले के बुढ़ा खेड़ा गांव के सिपाही रविंद्र व जींद के कलावती गांव के एसपीओ कप्तान की सोमवार की रात उस समय हत्या कर दी गई थी, जब वह गश्त के लिए निकले थे। उनके शव मंगलवार तडक़े चौकी से लगभग 600 मीटर दूर हरियाली सेंटर के पास पड़े मिले थे। इस मामले में एक आरोपी अमित उर्फ सुनारिया निवासी अजमेर बस्ती जींद पुलिस की गोली लगने से मारा जा चुका है।
मूलरूप से पिन्नर नारनौंद व वर्तमान में रोहतक रोड जींद निवासी संदीप पकड़ा गया था तो भिवानी मोड़ जींद निवासी विकास भाग गया था। एसपी के अनुसार संदीप ने बताया कि उसके समेत अमित, विकास व एक अन्य ने जींद से शराब व खाने का सामान लिया था और वह मौज-मस्ती करने के लिए बुटाना के पास गए थे। जहां गोहाना क्षेत्र की रहने वाली दो युवतियां भी उनके साथ थीं। वह गाड़ी खड़ी करके शराब पीते हुए आवागर्दी कर रहे थे।
उस समय ही सिपाही रविंद्र व पीएसओ कप्तान वहां पहुंच गए और उनको शराब पीते व आवारागर्दी करते देखकर पूछताछ करने लगे। पुलिस कर्मियों ने उनको चौकी में चलने के लिए कहा तो उनके बीच हाथापाई शुरू हो गई। एसपी जश्नदीप रंधावा ने बताया कि इस पूरे मामले में मुख्य आरोपी अमित था, क्योंकि संदीप, विकास व तीसरे साथी ने पुलिस कर्मियों को पकड़ लिया और अमित ने उनपर चाकू से कई वार किए। जिससे उनकी मौत हो गई और यह सभी वहां से भाग गए। उसके बाद पुलिस को छानबीन करने पर संदीप का पता चला और उससे पूछताछ करने पर पूरा मामला साफ हो गया।
पुलिस को बताया गया कि अमित व विकास भी संदीप के घर है तो वहां उनको पकड़ने के लिए गए और वहां पुलिस पर हमला होने के बाद गोली चलाई गई। जिसमें अमित की गोली लगने से मौत हो गई और संदीप को पकड़ लिया गया तो विकास वहां से भाग गया। एसपी ने बताया कि संदीप को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे सात दिन के रिमांड पर लिया गया है।