गोहाना। उच्चतर शिक्षा विभाग महाविद्यालयों में पढ़ रहे विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर रिपोर्ट तैयार करवाएगा। एक आसरा संस्था की ओर से विद्यार्थियों से बातचीत की जाएगी और तनावग्रस्त विद्यार्थियों सूची तैयार की जाएगी। महाविद्यालयों को भी यह जानकारी गूगल क्लीनिक एप के माध्यम से देनी होगी। विद्यार्थियों में तनाव कम करने के लिए काउंसिलिंग करवाई जाएगी। राजकीय महाविद्यालय बरोदा के उप प्राचार्य पवन लठवाल ने बताया कि तनावग्रस्त विद्यार्थियों का उपचार एवं काउंसिलिंग संस्था की ओर से की जाएगी। प्रतिस्पर्धा की दौड़ में विद्यार्थी तनाव का शिकार हो रहे हैं। तनाव का परीक्षा में अधिक अंक लाने दबाव या घरेलू कारण हो सकता है। तनावग्रस्त विद्यार्थी का मन पढ़ाई में नहीं लगता है, जिसका परीक्षा परिणाम पर असर पड़ता है। विद्यार्थियों का तनाव कम करने के लिए उनकी काउंसिलिंग करवाई जाएगी। इसके लिए प्राध्यापक भी विद्यार्थियों से बातचीत करेंगे।