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Sonipat News: सहकारी प्रवर्तकों पर 22.84 करोड़ का चूना लगाने का आरोप

Mon, 25 Sep 2023 12:10 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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सोनीपत। ह्यूमन वेलफेयर क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट को-ऑपरेटिव सोसाइटी के सहकारी प्रवर्तक (को-ऑपरेटिव प्रमोटर) ने चार अन्य सहकारी प्रवर्तकों पर 22.84 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। वित्तीय सेवा देने वाली सोसाइटी के सहकारी प्रवर्तक ने मामले की शिकायत पुलिस उपायुक्त पूर्व को देकर जांच की मांग की। आरोप है कि आरोपियों को कमीशन के रूप में मिलने वाले प्वाइंट्स ही फर्जी बना लिए। जिस पर धोखाधड़ी से संबंधित मुकदमा साइबर थाना में दर्ज किया गया है। साइबर थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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पानीपत के समालखा स्थित वार्ड-15 प्रीतमपुरा निवासी संजय कुमार ने पुलिस उपायुक्त को बताया कि वह ह्यूमन वेलफेयर क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट को-ऑपरेटिव सोसाइटी के सहकारी प्रवर्तक हैं। उनकी सोसाइटी का कार्यालय नई दिल्ली के लक्ष्मी नगर स्थित डी-5 में है। वह इसमें करीब सात साल से काम कर रहे हैं। उनकी सोसाइटी हरियाणा के विभिन्न जिलों में ग्राहकों को इनवेस्टमेंट एंड लोन से संबंधित वित्तीय सेवा उपलब्ध करवाती है। व्यापार को प्रमोट करने के लिए सोसाइटी अपने सदस्यों को ही को-ऑपरेटिव प्रमोटर बना देती है, जिन्हें इनवेस्टमेंट एंड लोन प्रमोट करने पर सोसाइटी से कमीशन के रूप में प्वाइंट मिलते हैं। वह प्वाइंट किसी भी शाखा में जमा करने पर उसके बदले में नकद राशि दी जाती है। सोसाइटी अपने सदस्यों को उनके इनवेस्टमेंट के बाद मेंबर आईडी प्रदान करती है। उनके इनवेस्टमेंट के बदले ग्राहक सेवा केंद्र से सोसाइटी के सॉफ्टवेयर से जनरेट रसीद काटकर दे दी जाती है। इसके बदले सोसाइटी के को-ऑपरेटिव प्रमोटर को सोसायटी सॉफ्टवेयर सिस्टम जनरेटेड प्वाइंट के रूप में कमीशन दे दिया जाता है।
ग्राहकों को सेवा देने के लिए सोसाइटी ने हरियाणा के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में अपने सुविधा केंद्र खोल रखे हैं। सोनीपत में बहालगढ़, सुदामा नगर, प्याऊ मनियारी, जठेड़ी रोड, लल्हेड़ी रोड गन्नौर में केंद्र खोल रखे हैं। सभी में अलग-अलग को-ऑपरेटिव प्रमोटर काम करते हैं। संजय ने बताया कि वह भी इन ब्रांच का कामकाज देखते हैं। ऐसे में चार आरोपियों ने सोसाइटी के महेंद्रगढ़ स्थित सुविधा केंद्र के सॉफ्टवेयर को हैक कर फर्जी कमीशन प्वाइंट जनरेट किए और इसके बाद इन प्वाइंट को सोनीपत स्थित एक सुविधा केंद्र से कैश करवा लिया। जब आंतरिक अभिलेखों का मिलान किया गया तो सोसाइटी को पता लगा कि जिस अनुसार प्वाइंट दिए जा रहे उसके अनुसार नकदी सोसाइटी में जमा नहीं हो रही है। इस पर 28 फरवरी को सोसाइटी ने सॉफ्टवेयर में सभी प्वाइंट को जीरो कर दोबारा से सिस्टम को शुरू करने का आदेश दिया। इस पर महेंद्रगढ़ सुविधा केंद्र में प्वाइंट जीरो नहीं हो पाए। जब उसकी जांच की गई तो पता लगा की इस सुविधा केंद्र पर प्वाइंट फर्जी तरीके से जनरेट किए गए हैं। जिस पर जांच में चार सहकारी प्रवर्तक की भूमिका संदिग्ध मिली। उन पर 22.84 करोड़ की गड़बड़ी करने के आरोप लगे हैं। अब साइबर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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